नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के धीमे कामकाज और ग्लोबल चुनौतियों के चलते Zurich Airport के शेयरों में **4.26%** की बड़ी गिरावट देखी गई है। कंपनी ने **2026** के लिए सतर्क रुख अपनाते हुए मुनाफे पर दबाव की बात कही है।
फाइनेंशियल दबाव की क्या है वजह?
दुनियाभर में शानदार प्रदर्शन के बावजूद, Zurich Airport (Flughafen Zürich AG) के निवेशकों का भरोसा डगमगा गया है। कंपनी का रेवेन्यू 5% बढ़कर CHF 674 मिलियन रहा और EBITDA भी CHF 374 मिलियन तक पहुंच गया, लेकिन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरुआती ऑपरेशंस पर होने वाला भारी खर्च निवेशकों की चिंता बढ़ा रहा है।
कंपनी के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट के चलते 2026 में EBITDA पर नेगेटिव असर पड़ सकता है। साथ ही, सालाना CHF 80 मिलियन का डेप्रिसिएशन और फाइनेंसिंग कॉस्ट कंपनी के नेट इनकम और डिविडेंड पर भी असर डाल सकता है।
भू-राजनीतिक चुनौतियों का असर
कंपनी ने 2026 के लिए अपनी गाइडेंस को काफी टाइट रखा है। मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के कारण वहां पैसेंजर ट्रैफिक में 30% की भारी गिरावट आई है। इन अनिश्चितताओं के बीच कंपनी ने पैसेंजर ट्रैफिक में मात्र 3% ग्रोथ का लक्ष्य रखा है। वित्तीय लचीलापन बनाए रखने के लिए कंपनी ने अपने खर्च को CHF 400 मिलियन तक सीमित करने का फैसला किया है।
आगे की राह
फिलहाल नोएडा एयरपोर्ट IndiGo और Akasa Air जैसे पार्टनर्स के साथ सीमित उड़ानें भर रहा है। निवेशकों की नजर अब इस पर है कि कब तक यह एयरपोर्ट एक बड़े इंटरनेशनल हब के रूप में तब्दील होता है। अंतरराष्ट्रीय रूट की मंजूरी और फ्लाइट वॉल्यूम में बढ़ोतरी ही इस प्रोजेक्ट की सफलता और शेयर की रिकवरी तय करेगी।
