क्यों आया Yatra के शेयर पर दबाव?
सोमवार को शेयर बाजार में जहां बाकी इंडेक्स हल्की बढ़त दिखा रहे थे, वहीं Yatra Online के शेयर करीब 4% तक लुढ़क गए। यह गिरावट लगातार तीसरे दिन जारी रही। इस बिकवाली की एक बड़ी वजह प्रमोटर THCL Travel Holding Cyprus द्वारा 17 फरवरी को अपनी 1.8% हिस्सेदारी बेचना भी रहा, जिसने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।
तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के नतीजों ने भी मायूस किया। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट साल-दर-साल 17% घटकर ₹8.3 करोड़ रह गया, हालांकि इस दौरान रेवेन्यू 9% बढ़कर ₹256.8 करोड़ दर्ज किया गया। MICE सेगमेंट (मीटिंग्स, इंसेंटिव्स, कॉन्फ्रेंसेज और एग्जीबिशन) के रेवेन्यू में देरी के कारण मार्जिन पर असर पड़ा, जिसका अनुमानित मूल्य करीब ₹30 करोड़ था। टेक्निकल चार्ट्स पर, 14-दिन का RSI 34.255 जैसा आंकड़ा 'Sell' सिग्नल दे रहा है, जो छोटी अवधि में मंदी का संकेत देता है।
एनालिस्ट्स का 'Buy' कॉल: क्या है वजह?
इन अल्पकालिक (short-term) उतार-चढ़ावों के बावजूद, ब्रोकरेज फर्म Keynote Research जैसे एनालिस्ट्स Yatra Online पर बुलिश (bullish) बने हुए हैं। उन्होंने 'Buy' रेटिंग के साथ शेयर का टारगेट प्राइस ₹236 रखा है, जो मौजूदा स्तरों से 50% से अधिक की तेजी का संकेत देता है।
इस उम्मीद की मुख्य वजहें कंपनी की रणनीतिक योजनाएं हैं:
- कॉर्पोरेट क्लाइंट्स: Q3 FY26 में कंपनी ने 40 नए कॉर्पोरेट क्लाइंट्स जोड़े हैं, जिनसे सालाना ₹202 अरब (billion) की बिलिंग की उम्मीद है। कंपनी का अनुमान है कि क्लाइंट्स के कंपनी छोड़ने की दर (churn rate) 3% से कम रहेगी, जिससे स्थिर रेवेन्यू सुनिश्चित होगा।
- AI इंटीग्रेशन: Yatra अपनी DIYA AI तकनीक को इंटीग्रेट कर रही है, जिससे वर्कफोर्स की एफिशिएंसी बढ़ेगी। उम्मीद है कि इससे लॉन्ग-टर्म में 200 कर्मचारियों तक की लागत कम हो सकती है।
- मार्जिन रिकवरी: Q3 में MICE सेगमेंट के रेवेन्यू में देरी के कारण मार्जिन गिरे थे, लेकिन Q4 FY26 में इसके सुधरने की उम्मीद है, क्योंकि यह सेगमेंट ऐतिहासिक रूप से कंपनी का सबसे मजबूत तिमाही होता है।
- मार्केट ग्रोथ: भारत का ऑनलाइन ट्रैवल मार्केट तेजी से बढ़ रहा है। यह 2024 में लगभग 51 अरब डॉलर का था और 2033 तक 124.1 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जिसमें 9.30% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) देखी जा रही है।
चिंताएं भी कम नहीं: क्या हैं जोखिम?
हालांकि, कुछ चिंताएं अभी भी बनी हुई हैं। कंपनी का TTM (Trailing Twelve Months) P/E रेशियो -66.08 है, जो बताता है कि वर्तमान में कंपनी मुनाफे की तुलना में घाटे में है। वहीं, बड़ी प्रतिद्वंद्वी MakeMyTrip का मार्केट कैप लगभग 5.31 अरब डॉलर (करीब ₹44,000 करोड़), जबकि EaseMyTrip का मार्केट कैप करीब ₹3,382 करोड़ है। Yatra का मार्केट कैप लगभग ₹2,300 करोड़ है, जो दिखाता है कि अभी इसे स्केल बढ़ाने की जरूरत है। MICE सेगमेंट में अस्थिरता एक जोखिम है, और कंपनी का 5-साल का ROE -27.61% रहा है, जो कि स्थिर परफॉरमेंस की ओर इशारा नहीं करता।
भविष्य की राह: कैसे बनाएगी Yatra अपनी पकड़?
मैनेजमेंट को FY26 के लिए रेवेन्यू लेस सर्विस कॉस्ट (RLSC) में लगभग 22-23% और एडजस्टेड EBITDA में करीब 37.5% की ग्रोथ की उम्मीद है। कंपनी पहले ही अपने RLSC लक्ष्य का 78% और एडजस्टेड EBITDA लक्ष्य का 82% हासिल कर चुकी है।
लॉन्ग-टर्म प्लान्स के तहत, FY27-28 तक ग्रॉस बुकिंग वैल्यू (GBV) में 20% की CAGR ग्रोथ का लक्ष्य है। कॉर्पोरेट क्लाइंट्स पर फोकस और AI से होने वाली एफिशिएंसी से मार्जिन बढ़ेगा, जो एनालिस्ट्स के ₹236 के टारगेट प्राइस का आधार है।
