📉 Q3 के नतीजे: रेवेन्यू में उछाल, मुनाफे पर दबाव
Yatra Online Limited ने Q3-FY26 (तीसरी तिमाही, फाइनेंशियल ईयर 2025-26) के अपने अन-ऑडिटेड कंसोलिडेटेड वित्तीय नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंपनी ने मिला-जुला प्रदर्शन दिखाया है। कंपनी ने 9% की साल-दर-साल (YoY) बढ़ोतरी के साथ ₹2,568 मिलियन (Mn) का रेवेन्यू हासिल किया। इस तिमाही की एक बड़ी बात यह रही कि ग्रॉस मार्जिन (Revenue Less Service Cost - RLSC) 23% YoY की ज़बरदस्त उछाल के साथ ₹1,277 मिलियन (Mn) पर पहुंच गया, जो मैनेजमेंट की 22% की संशोधित गाइडेंस से भी ऊपर था।
EBITDA ने भी दमदार प्रदर्शन किया, जो 64% YoY बढ़कर ₹239 मिलियन (Mn) रहा। वहीं, एडजस्टेड EBITDA में 41% YoY की बढ़त दर्ज की गई, जो कंपनी की 37.5% की संशोधित गाइडेंस से काफी ऊपर था। EBITDA मार्जिन, RLSC के प्रतिशत के तौर पर, तिमाही के लिए 18.7% रहा।
💰 नेट प्रॉफिट में गिरावट की वजह
हालांकि, इस तिमाही में नेट प्रॉफिट 17% YoY घटकर ₹83 मिलियन (Mn) पर आ गया। इस गिरावट का मुख्य कारण ₹38 मिलियन (Mn) का एक 'एक्सेप्शनल आइटम' (Exceptional Item) था, जो लेबर कोड में बदलाव के एकमुश्त प्रभाव से जुड़ा था। यह एक गैर-ऑपरेशनल खर्च था जिसने सीधे बॉटम लाइन को प्रभावित किया।
पूरे नौ महीने (9M-FY26) की बात करें तो Yatra Online ने कई प्रमुख मेट्रिक्स पर मजबूत ग्रोथ दर्ज की है। रेवेन्यू में 43% YoY, ग्रॉस मार्जिन में 33% YoY की बढ़त आई है। EBITDA में तो 124% YoY का ज़बरदस्त इजाफा हुआ, जो ₹729 मिलियन (Mn) तक पहुंच गया। इस अवधि के लिए नेट प्रॉफिट 81% YoY बढ़कर ₹386 मिलियन (Mn) रहा।
🚩 दिक्कतें और आगे की राह
यह तिमाही ऑपरेशनल चुनौतियों से काफी प्रभावित रही, खासकर दिसंबर में लागू हुए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FTDL) नॉर्म्स के कारण। इन नियमों से पूरे देश में एयरलाइंस में बड़ी गड़बड़ियां हुईं, जिससे कैंसलेशन और देरी के मामले बढ़ गए। इसका सीधा असर एयर ग्रॉस बुकिंग्स पर ₹480 मिलियन (Mn) का हुआ, जबकि MICE (Meetings, Incentives, Conferences, and Exhibitions) रेवेन्यू का ₹300 मिलियन (Mn) से अधिक अगली तिमाहियों के लिए टालना पड़ा।
इसके अलावा, आखिरी वक्त में हुए कैंसलेशन के चलते वर्किंग कैपिटल में पैसा फंस गया, जिससे फाइनेंस कॉस्ट में बढ़ोतरी हुई और प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव पड़ा।
इन मुश्किलों के बावजूद, मैनेजमेंट का कहना है कि नतीजे संशोधित गाइडेंस से बेहतर रहे। कंपनी ने हाल ही में सिद्धार्थ गुप्ता को नया CEO नियुक्त किया है, जिनके पास B2B SAAS का बड़ा अनुभव है। यह कंपनी के स्ट्रेटेजिक फोकस को दर्शाता है। कंपनी का B2C बिजनेस अभी भी प्रॉफिटेबल यूनिट इकोनॉमिक्स बनाए हुए है, और कॉर्पोरेट सेगमेंट में 40 नए ग्राहक जुड़े हैं, जिनसे सालाना ₹2,234 मिलियन (Mn) का रेवेन्यू आने की उम्मीद है।
Yatra Online हाई-मार्जिन सेगमेंट को बढ़ाने और टेक्नोलॉजी को मज़बूत करने पर ज़ोर दे रही है ताकि लंबी अवधि में वैल्यू बनाई जा सके। कंपनी का आउटलुक यह है कि यह FY26 के लिए अच्छी स्थिति में है, क्योंकि Q3-FY26 के एडजस्टेड EBITDA और PAT ने पूरे पिछले फाइनेंशियल ईयर FY25 के आंकड़ों को पहले ही पार कर लिया है। निवेशकों को ऑपरेशनल चुनौतियों के समाधान और अगली तिमाहियों में वर्किंग कैपिटल व फाइनेंस कॉस्ट पर पड़ने वाले असर पर बारीकी से नज़र रखनी चाहिए।