गुरुग्राम की लॉजिस्टिक्स स्टार्टअप Yantra Packs ने Caret Capital के नेतृत्व में ₹12 करोड़ की सीड फंडिंग हासिल की है। कंपनी व्यवसायों को लागत और उत्सर्जन कम करने में मदद करने के लिए पैलेट और क्रेट जैसे दोबारा इस्तेमाल होने वाले पैकेजिंग समाधान प्रदान करती है। इस फंड का इस्तेमाल राष्ट्रीय विस्तार और Trakkia, अपने प्रोप्रायटरी एसेट-ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म के विकास के लिए किया जाएगा।
Yantra Packs ने जुटाई ₹12 करोड़ की सीड फंडिंग
गुरुग्राम स्थित लॉजिस्टिक्स स्टार्टअप Yantra Packs ने रियूजेबल पैकेजिंग के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने Caret Capital के नेतृत्व में ₹12 करोड़ की सीड फंडिंग सफलतापूर्वक जुटाई है। इस फंडिंग का मुख्य उद्देश्य कंपनी के ऑपरेशंस को राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाना, अपने एसेट्स के पूल को मजबूत करना और तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करना है।
'सिंगल-यूज़' पैकेजिंग को कहें ना
Yantra Packs का बिजनेस मॉडल पारंपरिक 'सिंगल-यूज़' पैकेजिंग से हटकर है। जहां कंपनियां पैलेट, क्रेट और कंटेनर खरीदकर इस्तेमाल के बाद फेंक देती हैं, वहीं Yantra Packs रेंटल और पूलिंग सिस्टम की पेशकश करती है। इन दोबारा इस्तेमाल होने वाले एसेट्स को किराए पर देकर, कंपनी मैन्युफैक्चरिंग व्यवसायों को लॉजिस्टिक्स लागत कम करने और कार्बन फुटप्रिंट घटाने में मदद करती है। यह मॉडल कंपनियों के लिए एक बड़े कैपिटल एक्सपेंस (पैकेजिंग सामग्री खरीदना) को ऑपरेटिंग एक्सपेंस में बदल देता है, जो बड़े इंडस्ट्रियल क्लाइंट्स के लिए अधिक मैनेजेबल होता है।
Trakkia: टेक्नोलॉजी से एसेट्स की ट्रैकिंग
अपने फिजिकल एसेट्स के साथ-साथ, Yantra Packs Trakkia नाम का एक टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म भी संचालित करती है। यह टूल रियल-टाइम विजिबिलिटी प्रदान करता है, जिससे ग्राहक अपने कंटेनरों और पैलेट्स को प्लांट्स, सप्लायर्स और लॉजिस्टिक्स प्रोवाइडर्स के बीच ट्रैक कर सकते हैं। इस तरह की ट्रैकिंग जटिल सप्लाई चेन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जहां एसेट्स का खो जाना बड़े वित्तीय नुकसान और ऑपरेशनल देरी का कारण बन सकता है।
कॉम्पिटिशन और भविष्य की राह
यह फंडिंग Yantra Packs के लिए एक अहम पड़ाव है, लेकिन यह कंपनी को एक प्रतिस्पर्धी लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम में भी खड़ा करती है। भारत में एसेट-पूलिंग स्पेस तेजी से विकसित हो रहा है, जहां Leap India और Holisol Logistics जैसे बड़े खिलाड़ी पहले से ही सक्रिय हैं। निवेशकों और उद्योग के जानकारों के लिए, इस सेगमेंट में स्टार्टअप्स की सफलता का दारोमदार उनके एग्जीक्यूशन पर निर्भर करेगा। यह महत्वपूर्ण होगा कि वे अपने रियूजेबल एसेट्स की यूटिलाइजेशन रेट को कैसे बनाए रखते हैं और उनकी ट्रैकिंग टेक्नोलॉजी इन कंटेनरों के खोने की दर को प्रभावी ढंग से कैसे कम करती है।
कंपनी वर्तमान में आठ वेयरहाउसों में 250,000 से अधिक कंटेनरों का प्रबंधन करती है और 30 से अधिक बड़े ग्राहकों को सेवा प्रदान करती है। Yantra Packs के विस्तार के साथ, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वे अपनी एसेट फ्लीट को बढ़ाते हुए मार्जिन कैसे बनाए रखते हैं। कंपनी की स्थापना 2020 में Vipin Battu और Karan Saharan ने की थी और इसने 2024 में Impact Infracap से भी फंडिंग जुटाई थी। यह एक प्राइवेट कंपनी है और स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड नहीं है, इसलिए इस विस्तार का असर इसके प्राइवेट वैल्यूएशन और मार्केट शेयर पर दिखेगा, न कि पब्लिक शेयर प्राइस की चाल पर।
