केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय और पश्चिम बंगाल सरकार ने एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत राज्य के चार शहरों - चरा, कलाईकुंडा, बालुरघाट और हासीमारा में नए एयरपोर्ट बनाए जाएंगे। यह कदम अगले एक दशक में राज्य के एविएशन सेक्टर में किए जाने वाले **₹29,000 करोड़** के बड़े निवेश प्लान का हिस्सा है।
प्रोजेक्ट की रूपरेखा और समयसीमा
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच 5 अक्टूबर, 2026 को एक त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को रफ्तार देना है। सरकार ने इन चार एयरपोर्ट्स को अगले 24 महीनों के भीतर चालू करने का लक्ष्य रखा है। ये प्रोजेक्ट्स केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी UDAN (उड़े देश का आम नागरिक) योजना का हिस्सा हैं, जो छोटे शहरों तक हवाई यात्रा को सुलभ बनाने पर जोर देती है।
निवेश और पॉलिसी का फोकस
अगले 10 साल के लिए एविएशन सेक्टर के विकास हेतु ₹29,000 करोड़ का फंड आवंटित किया गया है। इसका उपयोग न केवल नई सुविधाओं को तैयार करने में, बल्कि पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर के अपग्रेडेशन और रीजनल रूट्स पर सब्सिडी देने के लिए भी किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने राज्य सरकार से एक नई सिविल एविएशन पॉलिसी बनाने का आग्रह किया है, ताकि प्राइवेट कंपनियों का भरोसा बढ़े और लॉजिस्टिक्स हब के तौर पर विकास को गति मिले।
जमीन अधिग्रहण और चुनौतियां
इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में काम कर रही कंपनियों और निवेशकों के लिए सबसे बड़ा मॉनिटरेबल पॉइंट 'एग्जीक्यूशन स्पीड' होगी। बंगाल में बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन का अधिग्रहण और स्थानीय मंजूरी हमेशा से एक बड़ी बाधा रही है। यदि जमीन ट्रांसफर में देरी होती है, तो प्रोजेक्ट की कॉस्ट बढ़ सकती है और डेडलाइन का पालन करना मुश्किल होगा।
कोलकाता में नया विकल्प
रीजनल विस्तार के अलावा, कोलकाता मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के लिए एक दूसरे बड़े एयरपोर्ट पर भी चर्चा जारी है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यात्रियों का भारी दबाव है, जिसे कम करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इस दूसरे हब के लिए लोकेशन का चुनाव आने वाले महीनों में निवेशकों के लिए एक बड़ा अपडेट साबित होगा।
