नतीजों का विस्तृत विश्लेषण
Ventive Hospitality Ltd ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई तिमाही (Q3 FY26) के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने पिछले साल की समान अवधि की तुलना में कई प्रमुख पैमानों पर प्रभावशाली प्रदर्शन किया है।
- कमाई और लाभ: कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 27% बढ़कर ₹722 करोड़ रहा, जबकि कंसोलिडेटेड EBITDA 25% की वृद्धि के साथ ₹348 करोड़ दर्ज किया गया। प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹141 करोड़ रहा, जो लगातार पांचवीं तिमाही में पॉजिटिव रहा।
- मार्जिन और सेगमेंट परफॉरमेंस: कंपनी ने अपने कंसोलिडेटेड EBITDA मार्जिन को 48% पर बनाए रखा। ग्रोथ का मुख्य इंजन कंपनी का हॉस्पिटैलिटी सेगमेंट रहा, जिसका रेवेन्यू 35% बढ़कर ₹565 करोड़ हो गया। इस सेगमेंट का EBITDA 54% बढ़कर ₹226 करोड़ रहा और मार्जिन 5 परसेंटेज पॉइंट्स बढ़कर 40% पर पहुंच गया।
- भारत में हॉस्पिटैलिटी ऑपरेशंस से रेवेन्यू में 22% की वृद्धि हुई, वहीं EBITDA में 35% की बढ़ोतरी के साथ मार्जिन 41% रहा।
- अंतर्राष्ट्रीय हॉस्पिटैलिटी ऑपरेशंस ने रेवेन्यू में 46% और EBITDA में 73% की तेज ग्रोथ दर्ज की, जबकि मार्जिन 39% पर रहा।
- पुणे स्थित Annuity Portfolio, जिसमें कमर्शियल रियल एस्टेट और रिटेल प्रॉपर्टीज शामिल हैं, ने ₹128 करोड़ का रेवेन्यू और ₹116 करोड़ का EBITDA जेनरेट किया।
- ऑपरेशनल की परफॉरमेंस: भारतीय होटलों के लिए एवरेज डेली रेट (ADR) में 17% की साल-दर-साल (YoY) बढ़ोतरी हुई। ऑक्यूपेंसी 62% पर स्थिर रही, जिससे रेवेन्यू पर अवेलेबल रूम (RevPAR) में 15% की ग्रोथ आई। अंतर्राष्ट्रीय होटलों में सेम-स्टोर ऑक्यूपेंसी 4 परसेंटेज पॉइंट्स बढ़कर 65% हो गई। टोटल रेवेन्यू पर अवेलेबल रूम (TRevPAR) में भी इजाफा देखा गया, जो भारतीय होटलों के लिए 14% और मालदीव रिसॉर्ट्स के लिए 17% बढ़ा।
- एकमुश्त आय: इस तिमाही के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में डॉलर-डिनॉमिनेटेड एसेट्स की मार्क-टू-मार्केट वैल्यूएशन से हुए ₹16.9 करोड़ के एक्सचेंज गेन्स भी शामिल हैं।
भविष्य की राह और जोखिम
सीईओ रंजीत बत्रा ने FY26 के अंत और आने वाले फाइनेंशियल ईयर के लिए मजबूत ग्रोथ की उम्मीद जताई है। कंपनी का फोकस गेस्ट एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने और ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने पर है। हालांकि, मैनेजमेंट ने यह भी रेखांकित किया कि मैक्रोइकॉनॉमिक वोलेटिलिटी, जियोपॉलिटिकल इवेंट्स, रेगुलेटरी बदलाव, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और ऑपरेशनल चुनौतियों जैसे बाहरी कारक भविष्य के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकते हैं।