कमाई बढ़ी, खर्चे घटे: VRL Logistics का शानदार प्रदर्शन
VRL Logistics ने पिछली साल की इसी तिमाही के मुकाबले अपने नेट प्रॉफिट में 9% का इजाफा दर्ज किया है, जो अब ₹64.75 करोड़ पर पहुंच गया है। यह शानदार परफॉर्मेंस तब आई है जब कंपनी की टोटल इनकम ₹831 करोड़ पर स्थिर रही। दरअसल, कंपनी ने कम मार्जिन वाले बिजनेस से स्वेच्छा से बाहर निकलने का जो स्ट्रैटेजिक कदम उठाया है, उसका असर नतीजों पर साफ दिख रहा है। कंपनी के मैनेजमेंट ने खर्चों पर लगाम कसने और प्रति टन रियलाइजेशन बढ़ाने पर काफी ध्यान दिया है।
मार्जिन में उछाल और कॉस्ट एफिशिएंसी
कंपनी के EBITDA मार्जिन में 20 बेसिस पॉइंट्स (bps) का सुधार हुआ है, जो अब 20.9% पर पहुंच गया है। यह बढ़त कंपनी के अनुशासित खर्च प्रबंधन का नतीजा है। नौ महीने की अवधि में फ्यूल कॉस्ट कुल खर्चों का करीब 25% रही, जो पिछले साल 28% थी। इसके अलावा, VRL Logistics ने अपनी लागत को और कंट्रोल करने के लिए ₹56 करोड़ का निवेश करके अपनी खुद की बिल्डिंग के लिए जमीन खरीदी है और अपने कैप्टिव फ्यूल पंपों की संख्या बढ़ाकर 8 कर दी है।
कर्ज घटा, डिविडेंड बढ़ा
कंपनी ने अपने फाइनेंशियल हेल्थ को काफी मजबूत किया है। दिसंबर 2025 तक नेट डेट घटकर ₹272 करोड़ रह गया है, जो पिछले साल ₹470 करोड़ था। यानी, कंपनी ने ₹198 करोड़ का नेट डेट कम किया है। इस भारी कर्ज कटौती से ब्याज खर्चों में भी कमी आएगी, जिससे भविष्य में मुनाफे को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। अपनी मजबूत फाइनेंशियल पोजीशन को देखते हुए, बोर्ड ने शेयरहोल्डर्स को ₹5 प्रति इक्विटी शेयर का अंतरिम डिविडेंड (Dividend) देने का ऐलान किया है, जो कंपनी के ऑपरेशनल परफॉर्मेंस और शेयरधारकों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
फ्लीट अपडेट: दमदार कैपेसिटी
कंपनी के पास कुल 5,745 वाहनों का फ्लीट है। पिछले साल की तुलना में कुल फ्लीट में थोड़ी कमी आई है, लेकिन पिछली तिमाही की तुलना में यह बढ़ी है। पिछले साल 571 वाहनों को स्क्रैप किया गया, जबकि 215 नए वाहन जोड़े गए। कुल कैरिंग कैपेसिटी में 9,302 टन का इजाफा हुआ है, जो अब 76,648 टन हो गई है। यह ध्यान देने वाली बात है कि फ्लीट का करीब 80% हिस्सा पूरी तरह से कर्ज-मुक्त (debt-free) है, और 15% फ्लीट पर डेप्रिसिएशन का असर पूरा हो चुका है।