Uber ने भारतीय फ्लीट ऑपरेटर Carrum Mobility में Series B राउंड के तहत **$10 मिलियन** का निवेश किया है। इस फंडिंग के बाद कंपनी की वैल्यूएशन करीब **$168 मिलियन** पहुंच गई है, जिससे Uber को अपनी 'Uber Black' सर्विस के लिए गाड़ियों की सप्लाई मजबूत करने में मदद मिलेगी।
बाजार में Uber की पैठ और विस्तार
Uber ने भारतीय बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करते हुए फ्लीट मैनेजमेंट स्टार्टअप Carrum Mobility में $10 मिलियन का निवेश किया है। यह Series B फंडिंग राउंड है, जिससे कंपनी की मार्केट वैल्यू लगभग $168 मिलियन यानी करीब ₹1,600 करोड़ आंकी गई है। दिलचस्प बात यह है कि इसी साल जनवरी में Uber ने $7 मिलियन का निवेश किया था, और इस नए राउंड के साथ कंपनी की कुल प्रतिबद्धता $17 मिलियन तक पहुंच गई है।
क्यों खास है यह साझेदारी?
Carrum Mobility, Uber की सप्लाई चेन का एक मुख्य हिस्सा बन गई है। पारंपरिक गिग-इकोनॉमी मॉडल के विपरीत, जहां व्यक्तिगत ड्राइवर पार्टनर होते हैं, Carrum 5,100 से ज्यादा गाड़ियों और 18,000 से ज्यादा ड्राइवर पार्टनर्स को मैनेज करती है। यह मॉडल Uber को सर्विस क्वालिटी पर बेहतर कंट्रोल देता है। फिलहाल, Carrum का एनुअलाइज्ड रेवेन्यू रन रेट ₹400 करोड़ के आसपास है और कंपनी अपने पहले महीने से ही प्रॉफिट में बनी हुई है।
भविष्य की योजना और जोखिम
इस निवेश का उद्देश्य तकनीक में सुधार और चेन्नई जैसे नए शहरों में विस्तार करना है। हालांकि, यहां एक बड़ा रिस्क 'Uber पर निर्भरता' का है। अगर Uber अपनी स्ट्रैटेजी बदलती है, तो Carrum के रेवेन्यू पर असर पड़ सकता है। साथ ही, कर्ज लेकर फ्लीट विस्तार करने की रणनीति और बदलते सरकारी नियम, जैसे EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की शर्तें, आने वाले समय में बड़ी चुनौतियां बन सकती हैं। निवेशकों की नजर अब इस पर होगी कि क्या Carrum अपनी प्रॉफिटेबिलिटी बरकरार रख पाती है या वह Uber के बाहर भी अपने क्लाइंट बेस को डायवर्सिफाई कर पाएगी।
