Uber इंडिया ने अब अपनी ऐप में ट्रेन टिकट बुकिंग की सुविधा जोड़ दी है। इसके लिए कंपनी ने ट्रैवल प्लेटफॉर्म ixigo के साथ साझेदारी की है। इस इंटीग्रेशन से यूजर्स एक ही जगह पर ट्रेन टिकट बुक कर सकेंगे, PNR स्टेटस चेक कर पाएंगे और स्टेशन के लिए कैब भी अरेंज कर सकेंगे। निवेशकों के लिए, यह कदम Uber के एक कॉम्प्रिहेंसिव ट्रांसपोर्ट प्लेटफॉर्म बनने की रणनीति का हिस्सा है, हालांकि भारत के कॉम्पिटिटिव ट्रैवल और मोबिलिटी सेक्टर में दोनों कंपनियों को कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ेगा।
Uber इंडिया अपनी सेवाओं का विस्तार करते हुए अब अपने मोबाइल ऐप में ट्रेन टिकट बुकिंग की सुविधा भी देने जा रहा है। इस पहल के पीछे कंपनी ने ट्रैवल प्लेटफॉर्म ixigo के साथ एक अहम पार्टनरशिप की है। इस कोलैबोरेशन के ज़रिए यूजर्स अब Uber ऐप के अंदर ही ट्रेनों का शेड्यूल देख सकेंगे, टिकट बुक कर सकेंगे, PNR स्टेटस चेक कर पाएंगे और रेलवे स्टेशन आने-जाने के लिए राइड-हेलिंग सर्विस भी बुक कर सकेंगे।
मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट प्लेटफॉर्म का निर्माण
यह इंटीग्रेशन उस बड़ी ट्रेंड का हिस्सा है जहाँ मोबिलिटी और ट्रैवल कंपनियां यूजर्स की हर यात्रा की ज़रूरत को एक ही जगह पूरा करना चाहती हैं। रेल सेवाओं को जोड़कर, Uber भारत में अपने मौजूदा मल्टीमॉडल प्लेटफॉर्म को और मजबूत कर रहा है, जिसमें पहले से ही ऑटो, मोटरसाइकिल, कार रेंटल और इंटरसिटी बस सेवाएं शामिल हैं। ixigo के साथ यह जुड़ाव नया नहीं है; दोनों कंपनियां पहले से ही ixigo की सब्सिडियरी AbhiBus के माध्यम से इंटरसिटी बस बुकिंग पर सहयोग कर रही हैं। इस रिश्ते को और गहरा करके, Uber का लक्ष्य यात्री की यात्रा के हर पड़ाव पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराना है।
मार्केट कॉम्पिटिशन पर असर
ixigo के लिए, यह साझेदारी एक B2B रेवेन्यू स्ट्रीम के तौर पर काम करेगी, जिससे कंपनी अपनी स्थापित ट्रैवल टेक्नोलॉजी और पोस्ट-बुकिंग सपोर्ट सिस्टम का फायदा उठा सकेगी। हालांकि, भारत का ऑनलाइन ट्रैवल और बुकिंग सेक्टर बेहद कॉम्पिटिटिव है। MakeMyTrip और अन्य ट्रैवल प्लेटफॉर्म्स जैसे स्थापित खिलाड़ी पहले से ही बाजार में अच्छी खासी हिस्सेदारी रखते हैं। निवेशक इस बात पर नज़र रखेंगे कि क्या यह इंटीग्रेशन दोनों कंपनियों के लिए यूजर एंगेजमेंट और बुकिंग को सफलतापूर्वक बढ़ाता है, या फिर इस इंडस्ट्री में, जहाँ कीमत बहुत मायने रखती है, ग्राहक अधिग्रहण की लागत एक बड़ी चुनौती बनी रहती है।
जोखिम और ऑपरेशनल फैक्टर्स
जहाँ यह पार्टनरशिप यूजर की सुविधा बढ़ाने का लक्ष्य रखती है, वहीं यह बिजनेस के जोखिम भी बढ़ाती है। Uber अब एक कोर फीचर के लिए ixigo की थर्ड-पार्टी टेक्नोलॉजी पर निर्भर है, जिसका मतलब है कि ixigo की तरफ से किसी भी तकनीकी समस्या का असर Uber ऐप के यूजर एक्सपीरियंस पर पड़ सकता है। इसके अलावा, भारतीय ट्रैवल मार्केट डिजिटल टिकटिंग और रेलवे सेवा नियमों से संबंधित सरकारी नीतियों में बदलावों के अधीन है। ऐसी बुकिंग सेवाओं की प्रॉफिटेबिलिटी अक्सर कम ट्रांजैक्शन फीस और हाई वॉल्यूम पर निर्भर करती है, जिसके लिए लगातार मांग की ज़रूरत होती है।
