Uber India ने अपनी सेवाओं का दायरा बढ़ाते हुए अब ट्रेन टिकट बुकिंग की सुविधा भी शुरू कर दी है। कंपनी ने ऑनलाइन ट्रैवल फर्म ixigo के साथ मिलकर यह फीचर लॉन्च किया है, जिससे यूज़र्स अब एक ही ऐप में ट्रेन जर्नी बुक कर सकेंगे और लास्ट-माइल ट्रांसपोर्ट को मैनेज कर पाएंगे। इस स्ट्रैटेजिक कदम से ixigo (Le Travenues Technology) की रीच बढ़ेगी और Uber इंटरसिटी ट्रैवल मार्केट में अपनी पैठ मजबूत करेगा।
Uber India अब बनेगा आपका फुल-पैकेज ट्रैवल पार्टनर
Uber India अपनी सेवाओं के विस्तार पर ज़ोर दे रहा है और अब यूज़र्स को सीधे उनके मोबाइल ऐप पर ट्रेन टिकट बुक करने की सुविधा भी मिलेगी। यह नई सुविधा ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म ixigo के साथ एक स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के तहत लॉन्च की गई है। इस नए फीचर से यूज़र्स अब अलग-अलग ऐप्स के बीच स्विच किए बिना ट्रेनों की तलाश कर सकते हैं, टिकट बुक कर सकते हैं और PNR स्टेटस भी चेक कर सकते हैं।
Uber की रणनीति में बड़ा बदलाव
भारत में Uber की रणनीति में यह एक अहम मोड़ है। पहले कंपनी मुख्य रूप से लोकल राइड-हेलिंग सेवाओं पर केंद्रित थी। ट्रेन टिकटिंग को जोड़ने से Uber खुद को एक कॉम्प्रिहेंसिव ट्रैवल प्लेटफॉर्म के रूप में स्थापित कर रहा है, जो यूज़र की यात्रा को प्लानिंग से लेकर डेस्टिनेशन तक पहुंचाने का काम करेगा। इसमें रेलवे स्टेशनों पर Uber की मौजूदा फर्स्ट-एंड-लास्ट-माइल पिकअप और ड्रॉप-ऑफ सेवाओं के साथ रेल यात्रा का इंटीग्रेशन भी शामिल है।
ixigo के लिए बड़े अवसर
ixigo (Le Travenues Technology Ltd) के लिए यह पार्टनरशिप एक महत्वपूर्ण डिस्ट्रीब्यूशन चैनल का काम करेगी। Uber के विशाल भारतीय यूज़र बेस का फायदा उठाकर ixigo अपनी ट्रेन टिकटिंग सेवाओं के लिए नए ग्राहक हासिल करने का एक हाई-वॉल्यूम रास्ता खोल रहा है। यह पार्टनरशिप इससे पहले 2026 में Uber और ixigo की बस-बुकिंग सब्सिडियरी AbhiBus के बीच इंटरसिटी बस यात्रा के लिए हुए इंटीग्रेशन के बाद आई है।
बाज़ार में मुकाबला और निवेशकों की नज़र
भारतीय ट्रेन ट्रैवल मार्केट बहुत बड़ा है, जहाँ भारतीय रेलवे हर साल करोड़ों यात्रियों को सेवा देता है। हालांकि, ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसी (OTA) सेक्टर में कड़ा मुकाबला है। MakeMyTrip जैसे स्थापित खिलाड़ी पहले से मौजूद हैं, जिससे यह एक क्राउडेड मार्केट बन गया है जहाँ ग्राहक अधिग्रहण की लागत (Customer Acquisition Cost) ज़्यादा हो सकती है।
निवेशक इस पार्टनरशिप के ixigo के ट्रांजैक्शन वॉल्यूम और ओवरऑल प्रॉफिटेबिलिटी पर पड़ने वाले असर पर नज़र रखेंगे। जहाँ डिस्ट्रीब्यूशन का बढ़ना सकारात्मक है, वहीं इस सेक्टर की कंपनियां अक्सर ऐप यूज़ को बढ़ावा देने के लिए डिस्काउंट और इंसेंटिव पर भारी खर्च करती हैं। अगर नए यूज़र्स को एक्वायर करने की लागत टिकट बुकिंग से होने वाली कमाई से ज़्यादा हो जाती है, तो प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव आ सकता है। इसके अलावा, पूरी बुकिंग प्रक्रिया IRCTC के तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भर रहेगी। स्टेकहोल्डर्स के लिए मुख्य निगरानी बिंदु इस फीचर के यूज़र एडॉप्शन की रफ़्तार और यह देखना होगा कि क्या यह आने वाली तिमाहियों में ixigo के लिए बुकिंग नंबर्स में सस्टेनेबल ग्रोथ लाता है।
