फिलाडेल्फिया एयर ट्रैफिक कंट्रोल सेंटर में आई तकनीकी खराबी के चलते न्यूयॉर्क के प्रमुख एयरपोर्ट्स जैसे JFK और नेवार्क पर उड़ानों का संचालन ठप हो गया है। FAA को स्थिति सामान्य होने में करीब **13 घंटे** का समय लगने की उम्मीद है, जिसका असर भारत-अमेरिका रूट की उड़ानों पर भी पड़ सकता है।
तकनीकी खामी और मरम्मत का संकट
सोमवार की सुबह FAA के लिए एक बड़ी चुनौती लेकर आई। फिलाडेल्फिया स्थित एयर ट्रैफिक कंट्रोल सेंटर में एक सर्किट फेल होने से पूरा एयरस्पेस मैनेजमेंट सिस्टम चरमरा गया। मुसीबत तब और बढ़ गई जब बैकअप के तौर पर इस्तेमाल होने वाली फाइबर ऑप्टिक लाइन भी कंस्ट्रक्शन के दौरान कट गई। FAA एडमिनिस्ट्रेटर ब्रायन बेडफोर्ड ने पुष्टि की है कि मुख्य सर्किट और बैकअप को ठीक करने में लगभग 13 घंटे का समय लगेगा, जिससे एयरपोर्ट्स पर उड़ानों का बड़ा बैकलॉग बन गया है।
पुरानी होती तकनीक पर सवाल
यह घटना अमेरिकी एयर ट्रैफिक कंट्रोल के पुराने बुनियादी ढांचे पर सवाल खड़े करती है। फिलाडेल्फिया की इस फैसिलिटी में पहले भी तकनीकी गड़बड़ियां देखी गई हैं। हालांकि FAA ने नेशनल सिस्टम के ओवरहाल की योजना बनाई है, लेकिन फिलहाल यह घटना लोकल इक्विपमेंट के कमजोर होने के जोखिम को उजागर करती है।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर
भारतीय यात्रियों और एयरलाइंस, खासकर Air India के लिए यह स्थिति चिंताजनक है। न्यूयॉर्क और नेवार्क जैसे हाई-ट्रैफिक हब पर उड़ानों के रद्द होने या देरी से होने के कारण ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ जाती है। हालांकि FAA ने वाशिंगटन डीसी कॉरिडोर में AI-आधारित सॉफ्टवेयर पेश किया है, लेकिन फिलाडेल्फिया की यह हार्डवेयर समस्या पूरी तरह अलग है। फिलहाल, एयरलाइंस और यात्रियों को 13 घंटे की इस रिपेयर विंडो पर नजर रखनी होगी ताकि उड़ानों का सामान्य शेड्यूल बहाल हो सके।
