यूपी सरकार ने फैसला लिया है कि अब नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम 'नरेन्द्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नोएडा-जेवर' होगा। प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के **25** साल पूरे होने के उपलक्ष्य में यह बड़ा निर्णय लिया गया है।
शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार ने आधिकारिक तौर पर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम बदलने को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि यह नाम पीएम के 25 वर्षों के अनवरत जनसेवा के सफर को समर्पित है।
ऑपरेशन्स और चुनौतियां
यह प्रोजेक्ट Yamuna International Airport Private Limited (YIAPL) द्वारा संचालित है, जो स्विस कंपनी Zurich Airport International AG की सब्सिडियरी है। जून 2026 में कमर्शियल उड़ानें शुरू होने के बावजूद, एयरपोर्ट को शुरुआती स्तर पर संघर्ष करना पड़ रहा है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, Zurich Airport International AG को ₹28.6 करोड़ का H1 EBITDA घाटा उठाना पड़ा है।
कॉम्पिटिशन और मार्केट शेयर
दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के मुकाबले खुद को स्थापित करना इस प्रोजेक्ट के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। वर्तमान में, एयरपोर्ट काफी हद तक IndiGo पर निर्भर है, जबकि Air India Express जैसे पार्टनर्स के हटने से ट्रैफिक ग्रोथ पर असर पड़ा है। निवेशकों की नजर अब नए रूट्स और पैसेंजर ट्रैफिक की रिकवरी पर टिकी है ताकि कंपनी मुनाफे की राह पर लौट सके।
