मुनाफे में आई दो अलग-अलग तस्वीरें!
Transport Corporation of India (TCI) लिमिटेड ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं, और ये नतीजे कंपनी के प्रदर्शन की दोहरी तस्वीर पेश कर रहे हैं। जहां एक ओर स्टैंडअलोन (standalone) नतीजों में कुछ नरमी दिखी, वहीं कंसोलिडेटेड (consolidated) आधार पर कंपनी का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा।
स्टैंडअलोन (Standalone) पर क्या हुआ?
स्टैंडअलोन आधार पर, कंपनी के ऑपरेशंस से रेवेन्यू में पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 3.53% की गिरावट दर्ज की गई, जो ₹11,132 करोड़ रहा। इसी तरह, नेट प्रॉफिट भी 15.83% घटकर ₹654 करोड़ पर आ गया, जो पिछले साल ₹777 करोड़ था। बेसिक ईपीएस (EPS) भी ₹13.04 से गिरकर ₹11.45 हो गया।
नौ महीने और कंसोलिडेटेड (Consolidated) में बंपर ग्रोथ
हालांकि, नौ महीनों (9M FY26) के आंकड़े पूरी तरह अलग तस्वीर पेश करते हैं। स्टैंडअलोन रेवेन्यू में 5.65% की बढ़त के साथ यह ₹30,971 करोड़ रहा, और नेट प्रॉफिट में 97.0% का जोरदार इजाफा हुआ, जो ₹3,699 करोड़ तक पहुंच गया। नौ महीने के लिए बेसिक ईपीएस ₹15.28 से बढ़कर ₹44.66 हो गया।
सबसे खास बात, कंसोलिडेटेड आधार पर Q3 FY26 में TCI का रेवेन्यू 8.45% बढ़कर ₹35,930 करोड़ हो गया। नेट प्रॉफिट में तो 65.68% का जबरदस्त उछाल आया और यह ₹4,137 करोड़ दर्ज किया गया। कंसोलिडेटेड ईपीएस भी ₹43.53 से बढ़कर ₹53.43 हो गया।
₹9 का डिविडेंड और CONCOR के साथ डील
इन नतीजों के साथ ही, कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों को ₹9 प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड (interim dividend) देने की घोषणा की है। इसके अलावा, कंपनी ने Container Corporation of India (CONCOR) के साथ ₹500 करोड़ तक के मटेरियल रिलेटेड-पार्टी ट्रांजैक्शन (material related-party transactions) को भी हरी झंडी दे दी है।
क्या कहते हैं ये नंबर?
जानकारों का मानना है कि स्टैंडअलोन Q3 के आंकड़े कंपनी के मुख्य फ्रेट (freight) बिजनेस में मार्जिन दबाव (margin compression) की ओर इशारा करते हैं। वहीं, नौ महीने के स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड नतीजों में देखी गई मजबूत ग्रोथ, बेहतर एफिशिएंसी और सब्सिडियरी कंपनियों के अच्छे प्रदर्शन का नतीजा लगती है। ग्रुप लेवल पर प्रॉफिटेबिलिटी और मार्जिन बढ़ाने में यह मदद कर रहा है। हालांकि, कंपनी ने अपने बैलेंस शीट और कैश फ्लो स्टेटमेंट की विस्तृत जानकारी इस अपडेट में नहीं दी है।
निवेशकों को क्या चाहिए?
मैनेजमेंट की ओर से कोई स्पष्ट गाइडेंस या कमेंट्री न मिलने से, निवेशकों को मिले-जुले नतीजों का खुद ही आकलन करना होगा। स्टैंडअलोन Q3 में आई गिरावट के कारणों पर कंपनी की ओर से विस्तृत स्पष्टीकरण की उम्मीद है। साथ ही, CONCOR के साथ ₹500 करोड़ के RPTs के फायदों और इसे लागू करने की प्रक्रिया पर भी निवेशकों की पैनी नजर रहेगी। नौ महीने और कंसोलिडेटेड परफॉर्मेंस कंपनी की अंदरूनी मजबूती को दिखाती है, लेकिन स्टैंडअलोन स्तर पर आई इस कमी को दूर करना महत्वपूर्ण होगा।
