जोशीमठ के पास Trans Bharat Aviation का एक हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया है, जिसमें **6** लोग सवार थे। इस हादसे के बाद उत्तराखंड सरकार ने कंपनी के पूरे बेड़े (fleet) को ग्राउंड कर दिया है और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
शुक्रवार दोपहर को बद्रीनाथ से देहरादून जा रहा Trans Bharat Aviation का हेलिकॉप्टर अचानक ट्रैक से गायब हो गया और जोशीमठ के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (SDRF), सेना और इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) की टीमें मारवाड़ी ब्रिज और चाई गांव के पास बचाव कार्य में जुट गई हैं। हालांकि, हिमालयी क्षेत्र में खराब मौसम के कारण राहत और बचाव कार्यों में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।\n\n### नियामक कार्रवाई और असर\n\nउत्तराखंड सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी (UCADA) ने सुरक्षा को देखते हुए Trans Bharat Aviation की सभी उड़ानों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। UCADA के सीईओ प्रतीक जैन ने बताया कि फिलहाल पैसेंजर्स की जानकारी वेरिफाई की जा रही है। इस ग्राउंडिंग के बाद अब कंपनी पर सख्त सेफ्टी ऑडिट का दबाव बढ़ गया है, जिससे उत्तराखंड के एविएशन और टूरिज्म सेक्टर में हलचल है।\n\n### चार धाम सेक्टर में सुरक्षा पर सवाल\n\nयह हादसा चार धाम रूट पर एविएशन सुरक्षा के रिकॉर्ड को फिर से सवालों के घेरे में ले आया है। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) के आंकड़ों के मुताबिक, 2015 से 2025 के बीच इस सेक्टर में 9 सुरक्षा संबंधी घटनाएं (8 हादसे और 1 गंभीर घटना) दर्ज की गई हैं। साल 2022 के बाद से हर साल कम से कम एक बड़ा हादसा हुआ है। वहीं, सिर्फ 2025 में ही 4 बड़े क्रैश दर्ज किए गए, जिनमें से 2 घटनाओं में जान-माल का नुकसान हुआ है।\n\nपहाड़ी इलाकों में अचानक बदलते मौसम और दुर्गम रास्तों के बीच उड़ानों की सुरक्षा अब एक बड़ी चुनौती बन गई है। अब नजरें इस बात पर हैं कि जांच में क्रैश की मुख्य वजह क्या निकलती है और नियामक संस्थाएं भविष्य में सुरक्षा मानकों को कितना सख्त करती हैं।
