Thomas Cook India ने Q1 FY27 के लिए अपने नेट प्रॉफिट में **13%** की गिरावट दर्ज की है। इसका मुख्य कारण लॉन्ग-हॉल ट्रैवल बिजनेस में **28%** की रेवेन्यू कमी रही। कंपनी को उम्मीद है कि इस फाइनेंशियल ईयर के दूसरे हाफ में बुकिंग ट्रेंड्स में सुधार और वेस्ट एशिया में स्थिरता के चलते बिजनेस रिकवर करेगा।
Q1 FY27 में 13% गिरा Thomas Cook India का मुनाफा
Thomas Cook India ने मौजूदा फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही (Q1) के लिए ₹63 करोड़ का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट रिपोर्ट किया है। पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में यह 13% की गिरावट है। कंपनी के ओवरऑल ट्रैवल सेगमेंट के रेवेन्यू में भी 14% की कमी आई है, जो ₹1,710 करोड़ रहा। यह नतीजे ट्रैवल फर्म के लिए चुनौतीपूर्ण ऑपरेटिंग माहौल को दर्शाते हैं, खासकर इंटरनेशनल ऑपरेशंस में।
लॉन्ग-हॉल ट्रैवल की गिरी डिमांड, 28% घटा रेवेन्यू
रेवेन्यू में आई इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह लॉन्ग-हॉल ट्रैवल बिजनेस रहा, जिसमें 28% की भारी कमी देखी गई। मैनेजमेंट ने बताया कि खासकर वेस्ट एशिया में चल रहे भू-राजनीतिक तनावों के कारण इनबाउंड और लॉन्ग-हॉल ट्रैवल ऑपरेशंस पर नकारात्मक असर पड़ा है। कंपनी की गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) क्षेत्र में स्थित सब्सिडियरीज को इन संघर्षों के कारण टूरिस्ट मूवमेंट और ट्रैवल डिमांड में कमी का सामना करना पड़ा।
फाइनेंशियल ईयर के दूसरे हाफ में रिकवरी की उम्मीद
शुरुआती झटकों के बावजूद, Thomas Cook India चालू फाइनेंशियल ईयर के उत्तरार्ध के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए हुए है। मैनेजमेंट का कहना है कि पहली तिमाही के बाद लॉन्ग-हॉल ट्रैवल के लिए बिजनेस कन्वर्जन रेट्स में सुधार के संकेत मिलने लगे हैं। मैनेजिंग डायरेक्टर महेश अय्यर ने बताया कि अगर भू-राजनीतिक स्थिति स्थिर रहती है, तो कंपनी पहली तिमाही में दर्ज 28% की रेवेन्यू गिरावट की तुलना में काफी मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद कर रही है।
बिजनेस में लचीलापन और स्ट्रैटेजिक फोकस
हालांकि लॉन्ग-हॉल सेगमेंट चुनौतियों से जूझ रहा था, लेकिन बिजनेस के अन्य हिस्सों ने लचीलापन दिखाया। कंपनी ने B2B ऑपरेशंस में ग्रोथ दर्ज की है, जिसमें कॉर्पोरेट ट्रैवल और MICE (मीटिंग्स, इंसेटिव्स, कॉन्फ्रेंसेस, एग्जीबिशन) सेगमेंट शामिल हैं। इसके अलावा, ग्रुप की फाइनेंशियल सर्विसेज और लीजर हॉस्पिटैलिटी सेक्टर्स ने भी तिमाही के दौरान सकारात्मक गति बनाए रखी। कंपनी वर्तमान बाजार की मुश्किलों से निपटने के लिए अपनी डिजिटल एक्सपेंशन और ऑपरेशनल एफिशिएंसी को अपनी स्ट्रैटेजी के मुख्य स्तंभ के रूप में प्राथमिकता देना जारी रखे हुए है।
निवेशक B2B और फाइनेंशियल सर्विसेज में देखी गई ग्रोथ को बनाए रखने की कंपनी की क्षमता पर नजर रखेंगे, साथ ही वेस्ट एशिया में किसी भी भू-राजनीतिक विकास की निगरानी भी करेंगे। आने वाली तिमाहियों के लिए मुख्य निगरानी बिंदु लॉन्ग-हॉल बुकिंग्स की वास्तविक रिकवरी होगी और क्या कंपनी ट्रैवल डिमांड के स्थिर होने पर अपने कंसॉलिडेटेड मार्जिन में सुधार कर पाती है।
