The ePlane Company ने इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी (eVTOL) के लिए Noida International Airport के साथ हाथ मिलाया है। यह स्टार्टअप अब एयरपोर्ट पर ग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा मानकों पर काम करेगा।
चेन्नई स्थित एयरोस्पेस स्टार्टअप, जिसे Ubifly Technologies के नाम से भी जाना जाता है, ने Noida International Airport के साथ एक बड़ा करार किया है। इस साझेदारी का मकसद भारत में एयर टैक्सी इकोसिस्टम तैयार करना है। इसके तहत वर्टीपोर्ट्स, चार्जिंग स्टेशन और ऑटोनॉमस फ्लाइट के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) विकसित किए जाएंगे।
कमर्शियल उड़ान की तैयारी
यह समझौता कंपनी के लिए R&D से कमर्शियल ऑपरेशन्स की तरफ बढ़ने का एक बड़ा कदम है। कंपनी अपने e200X एयरक्राफ्ट के डिजाइन के साथ-साथ ग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी काम कर रही है ताकि सभी नियामक मंजूरियां मिलते ही सर्विस शुरू की जा सके। इसका लक्ष्य एयरपोर्ट-टू-एयरपोर्ट कनेक्टिविटी और इमरजेंसी मेडिकल ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देना है।
फाइनेंशियल सेहत और जोखिम
निवेशकों के लिए यह जानना जरूरी है कि The ePlane Company अभी एक प्राइवेट और अनलिस्टेड कंपनी है। कंपनी अभी भी भारी निवेश वाले रिसर्च फेज में है। हालिया डेटा के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2025 में कंपनी को ₹33.1 करोड़ का नेट लॉस हुआ है, जबकि रेवेन्यू मात्र ₹2.2 करोड़ के आसपास रहा है। कंपनी फिलहाल पूरी तरह से बाहरी फंडिंग पर निर्भर है।
रेगुलेटरी चुनौतियां
भले ही यह साझेदारी एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन कमर्शियल उड़ान का रास्ता लंबा है। कंपनी को DGCA (Directorate General of Civil Aviation) से सख्त सर्टिफिकेशन हासिल करना होगा। इसके अलावा, एयर टैक्सी की सफलता जनता की स्वीकार्यता और मौजूदा परिवहन साधनों के मुकाबले इसकी किफायती लागत पर भी निर्भर करेगी। बाजार के जानकारों की नजर अब प्रोटोटाइप टेस्टिंग और भविष्य की फंडिंग राउंड्स पर बनी रहेगी।
