तेलंगाना का मास्टर प्लान: ₹38,595 करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट
Telangana सरकार ने Hyderabad Metro के विस्तार के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। इस योजना के तहत Phase II में ₹38,595 करोड़ की भारी-भरकम लागत से 122.9 किलोमीटर लंबी सात नई मेट्रो कॉरिडोर्स का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही, सरकार एयरपोर्ट, यानी राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Rajiv Gandhi International Airport) तक एक खास Phase III कॉरिडॉर बनाने पर भी विचार कर रही है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य शहर में बढ़ती आबादी और आवागमन की बढ़ती मांग को पूरा करना है।
Phase I का संचालन और अगली राह
यह बड़ा विस्तार तब सामने आया है जब राज्य सरकार ने हाल ही में L&T से Hyderabad Metro Phase I के 69 किलोमीटर लंबे नेटवर्क का संचालन अपने हाथ में लिया है। यह Phase I हर दिन लगभग 4.5 लाख यात्रियों को सेवा दे रहा है। Phase I के सफल संचालन की क्षमता ही Phase II जैसे बड़े प्रोजेक्ट के लिए एक महत्वपूर्ण पैमाना साबित होगी।
फंडिंग की चुनौती: ₹38,595 करोड़ का इंतज़ाम
Phase II के लिए ₹38,595 करोड़ का बजट एक बड़ी वित्तीय चुनौती है। ऐसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में आमतौर पर राज्य सरकार की हिस्सेदारी, केंद्र सरकार का योगदान और बैंक से कमर्शियल लोन (Commercial Loans) का मिश्रण होता है। तेलंगाना सरकार केंद्र के साथ मिलकर इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की इच्छुक है, लेकिन फंडिंग का सटीक ढांचा अभी तय होना बाकी है। राज्य सरकार अपनी वित्तीय स्थिति और मौजूदा कर्ज के स्तर पर भी बारीकी से विचार कर रही है।
Phase I से महंगी हो सकती है नई लाइनें
शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, Hyderabad Metro के प्रस्तावित विस्तार का प्रति किलोमीटर खर्च ₹300 करोड़ से अधिक आ सकता है। यह Phase I के लगभग ₹200 करोड़ प्रति किलोमीटर से काफी ज्यादा है। ज़मीन अधिग्रहण की मुश्किलों, जटिल एलिवेटेड कंस्ट्रक्शन (Elevated Construction) और नई टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल जैसी वजहों से लागत बढ़ने की संभावना है।
केंद्र की मंज़ूरी और वित्तीय दबाव
इस बड़े प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार से मंज़ूरी दिलाने की प्रक्रिया लंबी और जटिल हो सकती है। इसमें विस्तृत फीजिबिलिटी स्टडी (Feasibility Study), पर्यावरण पर असर का आकलन (Environmental Impact Assessment) और वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) की समीक्षा जैसी कई प्रक्रियाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी (Revanth Reddy) ने इस प्रोजेक्ट के लिए जल्द मंज़ूरी के वास्ते केंद्र सरकार से संपर्क साधा है। हालांकि, तेलंगाना सरकार पर पहले से ही वित्तीय दबाव है, ऐसे में ₹38,595 करोड़ का नया निवेश उसकी वित्तीय क्षमता की परीक्षा लेगा।
आगे का नज़रिया
Hyderabad Metro के इस विस्तार का भविष्य केंद्र की मंज़ूरी मिलने, फंड जुटाने की रणनीति और राज्य सरकार द्वारा Phase I के संचालन में दिखाई जाने वाली कुशलता पर टिका होगा। बड़े पैमाने पर राज्य-संचालित प्रोजेक्ट्स में एग्जीक्यूशन रिस्क (Execution Risk) और फाइनेंशियल वायबिलिटी (Financial Viability) हमेशा एक अहम सवाल रहती है, जिन पर निवेशकों और सरकार को बारीकी से नज़र रखनी होगी।
