Telangana Labour Department ने Uber, Ola, Rapido और GMR Hyderabad International Airport को **14 अक्टूबर** को एक बैठक के लिए बुलाया है। राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्राइवरों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन और फेयर स्ट्रक्चर (Fare Structure) को लेकर यह बड़ा कदम उठाया गया है।
विवाद की जड़ क्या है?
तेलंगाना के श्रम विभाग ने हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (RGIA) पर चल रहे विवाद में दखल दिया है। मामला मुख्य रूप से 2022 के राज्य सरकार के उस आदेश से जुड़ा है, जो कैब फेयर (किराये) के नियमों को तय करता है। तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन (TGPWU), जो लगभग 39,000 ड्राइवरों का प्रतिनिधित्व करती है, का आरोप है कि एयरपोर्ट पर वर्तमान प्राइसिंग मॉडल सरकारी नियमों के मुताबिक नहीं है, जिससे ड्राइवरों की कमाई पर बुरा असर पड़ रहा है।
ड्राइवरों की मुख्य मांगें
ड्राइवरों ने केवल किराये में बदलाव की मांग नहीं की है, बल्कि उन्होंने एयरपोर्ट पर फ्री ड्रॉप-ऑफ के समय को भी मौजूदा 8 मिनट से बढ़ाकर 15 मिनट करने की मांग रखी है। इसके अलावा, उन पर लगाए जाने वाले पेनल्टी शुल्क को हटाने के लिए भी दबाव बनाया जा रहा है।
निवेशकों के लिए जोखिम
इस हड़ताल से एयरपोर्ट की पैसेंजर सर्विस पर असर पड़ रहा है, जो GMR Airports Infrastructure Limited के निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकता है। एयरपोर्ट्स के कुल रेवेन्यू का एक बड़ा हिस्सा नॉन-एरोनॉटिकल सोर्सेज, जैसे कि पार्किंग फीस और टैक्सी एक्सेस राइट्स से आता है। इस तरह का लेबर अनरेस्ट ऑपरेशनल एफिशिएंसी को प्रभावित कर सकता है।
दूसरी ओर, Uber, Ola और Rapido के लिए यह एक रेगुलेटरी चुनौती है। अगर सरकार फेयर मैंडेट्स (Fair Mandates) को सख्ती से लागू करवाती है, तो कंपनियों के कमीशन और इंसेंटिव मॉडल पर असर पड़ सकता है, जो सीधे उनके प्रॉफिट मार्जिन को हिट कर सकता है। 14 अक्टूबर की बैठक में होने वाला फैसला यह तय करेगा कि आगे का रास्ता क्या होगा।
