तमिलनाडु सरकार ने चेन्नई के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को आधुनिक बनाने के लिए **20** MRTS स्टेशनों को Chennai Metro Rail Ltd (CMRL) को सौंपने का निर्णय लिया है। इस बड़े बदलाव के तहत **133 हेक्टेयर** रेल संपत्ति का हस्तांतरण होगा और **2027** तक स्टेशनों को मेट्रो-ग्रेड का बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
आधुनिकीकरण की ओर एक बड़ा कदम
तमिलनाडु सरकार नवंबर 2026 तक एक समझौते को अंतिम रूप देने की तैयारी में है, जिसके तहत Southern Railway के 20 MRTS स्टेशनों का नियंत्रण Chennai Metro Rail Ltd (CMRL) को सौंप दिया जाएगा। यह पूरा कॉरिडोर 'चेन्नई बीच' से 'सेंट थॉमस माउंट' तक फैला है। इस हस्तांतरण में लगभग 133 हेक्टेयर की संपत्ति शामिल है, जिसमें ट्रैक, वायाडक्ट्स और सिग्नलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे अहम एसेट्स शामिल हैं।
ट्रांजिशन प्लान और ऑपरेशंस
हालांकि स्टेशनों के मैनेजमेंट और अपग्रेड की जिम्मेदारी CMRL की होगी, लेकिन Southern Railway अगले 24 महीने तक ट्रेन संचालन जारी रखेगा। इस अंतरिम अवधि का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नई तकनीकों को अपनाने और प्रोक्योरमेंट के दौरान यात्रियों को कोई परेशानी न हो। फिलहाल, फोकस स्टेशनों पर सुरक्षा बढ़ाने, लाइटिंग सुधारने और साफ-सफाई पर है।
इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए अवसर
यह मर्जर 'चेन्नई यूनिफाइड मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी' के एक एकीकृत परिवहन प्रणाली बनाने के विजन का हिस्सा है। 2027 तक जब ये स्टेशन मेट्रो-ग्रेड के हो जाएंगे, तो कंस्ट्रक्शन, फैसिलिटी मैनेजमेंट और सिग्नलिंग अपग्रेड से जुड़ी कंपनियों के लिए नए टेंडर खुलने की बड़ी संभावनाएं हैं।
निवेशकों के लिए मुख्य मॉनिटरेबल (Monitorables) सिविल वर्क की गति, मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट्स का आवंटन और मेट्रो के नए रोलिंग स्टॉक की खरीद का टाइमलाइन होगा। इस प्रोजेक्ट का सफल निष्पादन चेन्नई के शहरी परिवहन में दक्षता के नए मानक स्थापित करेगा।
