Tamil Nadu सरकार ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर VAT में बड़ी कटौती की है। 1 नवंबर 2026 से चेन्नई एयरपोर्ट पर टैक्स **16%** और अन्य रीजनल एयरपोर्ट्स पर केवल **1%** रहेगा।
टैक्स कटौती का गणित
तमिलनाडु सरकार ने घरेलू उड़ानों के लिए एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर लगने वाले वैल्यू-एडेड टैक्स (VAT) में भारी कमी की है। यह राहत 1 नवंबर 2026 से प्रभावी होगी और 31 अक्टूबर 2027 तक जारी रहेगी। चेन्नई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए टैक्स को 29% से घटाकर 16% कर दिया गया है, जबकि राज्य के अन्य एयरपोर्ट्स पर इसे घटाकर मात्र 1% पर लाया गया है।
एयरलाइंस के लिए क्यों है जरूरी?
किसी भी एयरलाइन के कुल ऑपरेटिंग खर्च का लगभग 40% से 45% हिस्सा केवल फ्यूल में चला जाता है। इस कटौती के साथ, तमिलनाडु ने अपने टैक्स स्ट्रक्चर को तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों के बराबर लाने का प्रयास किया है, ताकि एयरलाइंस रिफ्यूलिंग के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करें।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
निवेशकों को अब यह देखना होगा कि इस टैक्स कटौती का लाभ एयरलाइंस कैसे उठाती हैं। कंपनियां इसे दो तरीकों से इस्तेमाल कर सकती हैं:
- टिकट सस्ती करना: मार्केट शेयर बढ़ाने के लिए किराए में कटौती करना।
- मार्जिन सुधारना: ईंधन की बचत को सीधे मुनाफे में जोड़ना।
IndiGo और Air India जैसी कंपनियां, जिनका तमिलनाडु में बड़ा ऑपरेशन है, सीधे तौर पर इससे लाभान्वित होंगी। हालांकि, जानकारों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें इस राहत पर भारी पड़ सकती हैं। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा हुआ, तो टैक्स कटौती का असर पूरी तरह बेअसर भी हो सकता है। अब निवेशकों की नजर इन कंपनियों के आगामी तिमाही नतीजों पर होगी कि क्या यह बचत उनके ऑपरेटिंग मार्जिन में रिफ्लेक्ट हो रही है या नहीं।
