Transport Corporation of India (TCI) ने दिसंबर 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, और यह नतीजे मिले-जुले रहे हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 3.5% घटकर ₹11,132 करोड़ रहा, जबकि इसी दौरान प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 11.5% की जोरदार उछाल के साथ ₹1,155 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब है कि बेसिक अर्निंग्स पर शेयर (EPS) पिछले साल की इसी तिमाही के ₹13.04 से बढ़कर ₹14.96 हो गया।
वहीं, दिसंबर 31, 2025 को समाप्त नौ महीनों के दौरान, स्टैंडअलोन रेवेन्यू में 5.7% की सालाना ग्रोथ के साथ ₹30,971 करोड़ दर्ज किए गए, जबकि PAT 8.7% बढ़कर ₹3,322 करोड़ रहा।
कंसॉलिडेटेड आधार पर, TCI ने ज्यादा मजबूत ग्रोथ दिखाई है। Q3 FY26 में रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स 9.2% बढ़कर ₹36,489 करोड़ हो गया। कंसॉलिडेटेड PAT में भी 9.1% का इजाफा हुआ और यह ₹1,114 करोड़ पर पहुंच गया, जिससे बेसिक ईपीएस (EPS) पिछले साल के ₹13.01 से बढ़कर ₹14.69 हो गया।
नौ महीनों के लिए, कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू ₹36,489 करोड़ रहा, जो पिछले साल से 8.3% ज्यादा है। हालांकि, कंसॉलिडेटेड PAT में मामूली 1.3% की गिरावट देखी गई और यह ₹3,322 करोड़ रहा।
शेयरधारकों के लिए डिविडेंड और अन्य ऐलान
शेयरधारकों के लिए एक अच्छी खबर यह है कि बोर्ड ने FY26 के लिए ₹9 प्रति इक्विटी शेयर का पहला अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है। इस डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 10 फरवरी, 2026 तय की गई है।
इसके अलावा, 4 फरवरी, 2026 से श्री राजेंद्र शर्मा को TCI Freight के लिए CEO Designate और सीनियर मैनेजमेंट पर्सनल के तौर पर नियुक्त किया गया है। बोर्ड ने अपनी सब्सिडियरी TCI-CONCOR Multimodal Solutions Pvt. Ltd. और Container Corporation of India Limited के बीच होने वाले मटेरियल रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शंस को भी मंजूरी दी है, जिसकी कुल राशि ₹5,000 मिलियन (₹500 करोड़) तक हो सकती है, बशर्ते शेयरधारकों से मंजूरी मिल जाए।
चिंता का सबब: भविष्य पर मैनेजमेंट की चुप्पी
निवेशकों के लिए चिंता का एक बड़ा कारण मैनेजमेंट द्वारा भविष्य के वित्तीय प्रदर्शन, ग्रोथ ड्राइवर्स या संभावित जोखिमों के बारे में किसी भी तरह की गाइडेंस (Outlook) का पूरी तरह से अनुपस्थित रहना है। भविष्य की ओर इशारा करने वाली कमेंट्री की यह कमी, स्टैंडअलोन तिमाही रेवेन्यू में गिरावट के साथ मिलकर, अनिश्चितता पैदा करती है। निवेशकों को स्पष्ट मैनेजमेंट पूर्वानुमानों के लाभ के बिना, परिचालन निष्पादन और बाजार की गतिशीलता पर बारीकी से नजर रखनी होगी, खासकर रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन की मंजूरी के संबंध में।
