मार्जिन पर दबाव के बीच टर्नअराउंड की राह
TCI Express के लिए 3QFY26 के नतीजे मिले-जुले रहे, लेकिन वॉल्यूम ग्रोथ ने उम्मीद जगाई है। कंपनी का EBITDA मार्जिन 10.3% रहा, जो ब्रोकर Prabhudas Lilladher के 11.3% के अनुमान से कम था। लेकिन, कंपनी के वॉल्यूम में 5.4% का सालाना इजाफा हुआ, जो पिछले 8 तिमाहियों में पहली बार हुआ है। यह वॉल्यूम 255,000 मीट्रिक टन तक पहुंच गया। इसी के साथ, कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) 5.9% बढ़कर ₹3,141 मिलियन हो गया। नतीजों के बाद, TCI Express के शेयर में 6.22% की तेजी आई और यह ₹543.10 पर बंद हुआ। कंपनी ने 9MFY26 में ₹450 मिलियन का CAPEX भी किया है, जो ब्रांच विस्तार, सॉर्टिंग सेंटर्स और आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने पर खर्च हुआ। TCI Express का मॉडल एसेट-लाइट है और यह लगभग डेट-फ्री (Debt-free) है।
विविध मांग से वॉल्यूम में रिकवरी
TCI Express के वॉल्यूम में यह रिकवरी कई वजहों से आई है। सरफेस एक्सप्रेस (Surface Express) सेगमेंट में सुधार, नए कस्टमर्स का बड़ी संख्या में जुड़ना और मौजूदा एंटरप्राइज अकाउंट्स से ज़्यादा बिज़नेस मिलना इसके मुख्य कारण हैं। मज़बूत घरेलू खपत (Domestic Consumption) और त्योहारी मांग (Festive Demand) ने भी माल की आवाजाही को बढ़ाया है। इसके अलावा, रेल एक्सप्रेस, एयर एक्सप्रेस, C2C और ई-कॉमर्स (e-commerce) सेवाओं में भी थोड़ी-थोड़ी वृद्धि देखी गई। ऑटोमोटिव, फार्मा, इलेक्ट्रिक व्हीकल, सोलर और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे खास सेक्टर्स में ग्रोथ ने भी वॉल्यूम को सहारा दिया। कंपनी का कहना है कि उसके टॉप 25 कस्टमर (Customers) कुल रेवेन्यू का 15% से ज़्यादा नहीं हैं, जो इसके डायवर्सिफाइड क्लाइंट पोर्टफोलियो को दिखाता है।
प्रतिस्पर्धी स्थिति और सेक्टर की मजबूती
फरवरी 2026 की शुरुआत में, TCI Express की मार्केट कैप (Market Cap) लगभग ₹2,063 करोड़ थी। इसका ट्रेलिंग 12-महीने का P/E रेश्यो (P/E Ratio) करीब 23.9x है। यह Blue Dart Express (P/E ~45x) और Delhivery (P/E ~180x+) जैसे प्रतिद्वंद्वियों से कम है, हालांकि Transport Corporation of India (P/E ~19x) से थोड़ा ज़्यादा है। भारतीय लॉजिस्टिक्स सेक्टर (Logistics Sector) को नेशनल लॉजिस्टिक्स पॉलिसी और PM गति शक्ति जैसी सरकारी नीतियों से फायदा मिल रहा है। बजट 2026 में ट्रांसपोर्ट सेक्टर के लिए ₹5.98 लाख करोड़ का बड़ा आवंटन भी किया गया है, जिसका मकसद एफिशिएंसी बढ़ाना और लागत कम करना है। पिछले साल शेयर में लगभग 30.85% की गिरावट आई थी, लेकिन अब यह रिकवरी के संकेत दे रहा है। इसका 52-हफ्ते का ट्रेडिंग रेंज ₹478 से ₹870 रहा है।
एनालिस्ट्स को ग्रोथ की उम्मीद
ब्रोकरेज फर्म्स TCI Express के भविष्य को लेकर काफी सकारात्मक हैं। Prabhudas Lilladher ने 'BUY' रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस ₹694 दिया है। वे FY25 से FY28E तक वॉल्यूम में 6% CAGR और सेल्स में 7% CAGR की उम्मीद कर रहे हैं, जबकि PAT 18% CAGR से बढ़ने का अनुमान है। Jefferies ने अपना टारगेट प्राइस ₹745 से बढ़ाकर ₹805 कर दिया है, क्योंकि उन्हें FY27E के लिए लगभग 15% वॉल्यूम ग्रोथ का अनुमान है। कुल मिलाकर, चार ब्रोकर्स का औसत टारगेट प्राइस ₹756.25 है। कंपनी का P/E रेश्यो मार्च 2025 में 5 साल के निचले स्तर 24.0x पर आ गया था, जो इंडस्ट्री एवरेज से कम है। हालांकि, ₹51 करोड़ के GST डिमांड ऑर्डर का एक जोखिम भी है, जिस पर मैनेजमेंट को भरोसा है कि इसका हल अनुकूल निकलेगा।