कंपनी के Q3 FY26 के नतीजे क्या कहते हैं?
TCI Express ने तीसरी तिमाही के लिए अपने वित्तीय नतीजे पेश कर दिए हैं, जिसमें कंपनी का रेवेन्यू ₹314 करोड़ रहा। यह पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 6% की बढ़त है। वहीं, अगर पिछले तिमाही से तुलना करें तो रेवेन्यू में 2% की मामूली बढ़ोतरी हुई है। इस तिमाही में कंपनी ने ₹23 करोड़ का नेट प्रॉफिट (PAT) दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 10.6% ज्यादा है। इसके चलते PAT मार्जिन 7.2% रहा। प्रति शेयर आय (EPS) भी 10.7% बढ़कर ₹6.0 हो गई।
अगर नौ महीनों (9M FY26) के नतीजों पर नजर डालें तो ऑपरेशन से आय ₹909 करोड़ रही, जो पिछले साल की तुलना में 1% की धीमी बढ़ोतरी दिखाती है। इस अवधि में EBITDA ₹109 करोड़ रहा, जिसका मार्जिन 11.9% था, और PAT ₹69 करोड़ रहा, मार्जिन 7.5% के स्तर पर रहा।
मजबूत फाइनेंशियल हेल्थ और ऑपरेशनल एफिशिएंसी
Q3 FY26 में, कंपनी का EBITDA ₹37 करोड़ रहा, जिससे EBITDA मार्जिन 11.6% पर पहुंच गया, जो पिछले साल से बेहतर है। TCI Express पूरी तरह से डेट-फ्री कंपनी है और इसके पास ₹146 करोड़ की नेट कैश पोजीशन है। वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट भी काफी चुस्त है, जिसमें नेट वर्किंग कैपिटल साइकिल 21 दिन का रहा (रिसीवेबल्स 60 दिन, पेयबल्स 39 दिन)। नौ महीनों में ऑपरेशन से कैश फ्लो ₹29 करोड़ रहा, जबकि कैपिटल एक्सपेंडिचर ₹45 करोड़ किया गया, जिससे फ्री कैश फ्लो ₹15 करोड़ रहा। 9M FY26 के लिए रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) 19.6% पर रहा, जो कंपनी की अच्छी परफॉरमेंस को दर्शाता है।
भविष्य के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य
कंपनी के मैनेजमेंट ने भविष्य के लिए बड़े लक्ष्य निर्धारित किए हैं। FY27 तक, कंपनी 15% से अधिक वॉल्यूम ग्रोथ, 17-18% रेवेन्यू ग्रोथ और 20% से अधिक PAT ग्रोथ का अनुमान लगा रही है। EBITDA मार्जिन को बेहतर बनाने पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है। कंपनी का लक्ष्य FY28 तक मार्जिन को 15% से ऊपर ले जाने का है, जिसमें FY27 में 13% से ऊपर और उसके बाद हर साल 100 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी का प्लान है। कंपनी 2028 तक अपने रियलाइजेशन में 5% का इजाफा करने की भी योजना बना रही है।
इस ग्रोथ को हासिल करने के लिए कंपनी ग्राहक अधिग्रहण (जो पिछले साल दोगुना हुआ है), बड़े एंटरप्राइज क्लाइंट्स से वॉल्यूम बढ़ाना, और ऑटोमोटिव, डिफेंस, सोलर व ईवी जैसे सेक्टर्स में विस्तार पर फोकस करेगी। मल्टीमॉडल सर्विसेज, खासकर रेल एक्सप्रेस, जिसमें 24% की YoY ग्रोथ देखी गई है, एक अहम भूमिका निभाएगी। टेक्नोलॉजी में निवेश, नेटवर्क ऑप्टिमाइजेशन और सेल्स टीम का विस्तार (300 से 500 तक) भी इस रणनीति का हिस्सा हैं। कंपनी ने अपने 5 साल के कैपेक्स प्लान को भी संशोधित कर FY27 तक ₹400 करोड़ (कुछ स्पष्टीकरण के अनुसार FY28 तक ₹500 करोड़) कर दिया है। लेबर कोड में बदलावों के कारण लगभग ₹60 लाख का एक बार का अतिरिक्त खर्च भी दर्ज किया गया है।