Syama Prasad Mookerjee Port ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली छमाही में **34.75 मिलियन टन** कार्गो हैंडल किया है। ग्लोबल चुनौतियों के बावजूद, पोर्ट ने पिछले साल के मुकाबले **4%** की ग्रोथ दर्ज की है और अब **74 मिलियन टन** के वार्षिक लक्ष्य की ओर मजबूती से बढ़ रहा है।
आंकड़ों की जुबानी
कोलकाता डॉक सिस्टम और हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स को मिलाकर Syama Prasad Mookerjee Port (SMP) ने चालू फाइनेंशियल ईयर के पहले 6 महीनों में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। कंपनी ने पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 1.34 मिलियन टन अधिक कार्गो प्रोसेस किया है।
कैसे मिली कामयाबी?
ग्लोबल ट्रेड रूट, खासकर वेस्ट एशिया में जारी तनाव के बावजूद पोर्ट ने अपनी रफ्तार बरकरार रखी है। इसके पीछे मुख्य वजहें निम्नलिखित हैं:
- ऑटोमेशन: पोर्ट ने कई बर्थ्स का मशीनीकरण (Mechanization) किया है, जिससे जहाजों के टर्नअराउंड टाइम में कमी आई है।
- PPP मॉडल: टर्मिनल पर पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप ऑपरेटर्स को शामिल करने से परिचालन क्षमता (Operational Efficiency) बढ़ी है।
- डिजिटल पहल: 'वन पोर्ट, वन प्रोसेस' जैसे डिजिटल कदमों ने एक्सपोर्ट और इंपोर्ट से जुड़े दस्तावेजों की प्रक्रिया को तेज कर दिया है।
भविष्य की बड़ी योजनाएं
पोर्ट अथॉरिटी अब अपनी क्षमता को और विस्तार देने की तैयारी में है। हुगली नदी के नीचे ट्विन टनल बनाने की योजना पर काम चल रहा है, जो पोर्ट को सीधे नेशनल हाईवे से जोड़ेगी। साथ ही, IIT Madras के साथ मिलकर शिपिंग चैनल को गहरा करने के लिए 'कैपिटल ड्रेजिंग' की संभावना तलाशी जा रही है, ताकि बड़े जहाज आसानी से आ सकें। हालांकि, इन बड़े प्रोजेक्ट्स में लागत बढ़ने और समय पर पूरा न होने का जोखिम भी बना हुआ है, जिस पर निवेशकों की नजरें टिकी रहेंगी।
