Swiggy ने अपनी 'Food on Train' सर्विस का दायरा बढ़ाकर अब 180 शहरों तक पहुंचा दिया है। खास बात ये है कि अप्रैल-जून 2026 की तिमाही में इस सर्विस से मिलने वाले ऑर्डर में तीन गुना यानी **300%** की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
ट्रेन में खाना मंगवाना हुआ आसान, ऑर्डर में आई 300% की तेजी
Swiggy ने देश भर के 180 रेलवे स्टेशनों पर अपनी 'Food on Train' सर्विस को शुरू कर दिया है। कंपनी ने बताया है कि अप्रैल-जून 2026 की तिमाही में इस सर्विस से होने वाले ऑर्डर की संख्या पिछले साल के मुकाबले 300% बढ़ी है। इस उछाल का मुख्य कारण यात्रियों की तरफ से एक ही बुकिंग में कई स्टेशनों पर खाना ऑर्डर करने की बढ़ती प्रवृत्ति और छोटे शहरों से मिले नए यूजर हैं।
एक बुकिंग में कई स्टेशन, खर्च में बड़ा इजाफा
Swiggy ने यह भी बताया कि एक ट्रेन यात्रा के दौरान अलग-अलग स्टेशनों पर ऑर्डर करने के मामलों में पिछले साल के मुकाबले 300% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। ऐसे यात्री जो एक से ज्यादा स्टेशन पर खाना मंगवाते हैं, वे एक ही स्टेशन पर ऑर्डर करने वालों की तुलना में करीब 2.2 गुना ज्यादा खर्च करते हैं। इससे साफ पता चलता है कि यात्री अब ट्रेन के पैंट्री कार के खाने की जगह Swiggy जैसी फूड डिलीवरी को ज्यादा भरोसेमंद मान रहे हैं, खासकर लंबी दूरी की यात्राओं पर।
नए यूजर के लिए 'फनल' का काम कर रही सर्विस
यह सर्विस न केवल पुराने ग्राहकों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है, बल्कि नए ग्राहकों को जोड़ने में भी अहम भूमिका निभा रही है। उदाहरण के लिए, मध्य प्रदेश के गुना में 66% से ज्यादा यूजर ऐसे थे जिन्होंने पहली बार Swiggy की इस सर्विस का इस्तेमाल किया। हाल ही में 17 नए स्टेशन जोड़े गए हैं, जिनमें गुरुग्राम, उदयपुर, बीकानेर और नांदेड जैसे शहर शामिल हैं। इससे Swiggy की पहुंच बड़े शहरों के साथ-साथ छोटे शहरों तक भी बढ़ गई है।
खाने की पसंद और Swiggy की स्ट्रेटेजी
Swiggy के डेटा के अनुसार, गर्मियों के महीनों में यात्रियों ने 400,000 से ज्यादा रोटियां ऑर्डर कीं। इसके अलावा, McDonald's, KFC, Haldiram's और Paradise Biryani जैसे लोकप्रिय फास्ट-फूड ब्रांड्स और क्षेत्रीय व्यंजन सबसे ज्यादा पसंद किए गए। सॉफ्ट ड्रिंक्स के ऑर्डर में 354% की बढ़ोतरी हुई, वहीं लस्सी के ऑर्डर दोगुने हो गए। इससे पता चलता है कि लोग तैयार और तुरंत खाने-पीने वाली चीजों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
Swiggy में फूड स्ट्रेटेजी और न्यू इनिशिएटिव्स के वाइस प्रेसिडेंट, दीपक मलू ने कहा कि पिछले एक साल से यह सर्विस लगातार बढ़ रही है। रेलवे नेटवर्क के साथ जुड़कर Swiggy अपने पारंपरिक होम-डिलीवरी मॉडल से हटकर एक अलग तरह का इस्तेमाल करने का मौका तलाश रही है।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
जहां एक ओर Swiggy के इस नए सेगमेंट में ग्रोथ अच्छी दिख रही है, वहीं दूसरी ओर उसे फूड डिलीवरी और क्विक-कॉमर्स स्पेस में Zomato जैसी कंपनियों से कड़ी टक्कर मिल रही है। निवेशक इस बात पर नजर रखेंगे कि 'Food on Train' सेगमेंट की यह ग्रोथ कंपनी के लिए लंबे समय तक मुनाफा कमाने लायक साबित होगी या नहीं। चलती ट्रेनों तक डिलीवरी पहुंचाने के लॉजिस्टिक्स खर्चे, जैसे स्टेशनों पर वेंडरों से तालमेल और समय का ध्यान रखना, कहीं कंपनी के बिजनेस मॉडल पर दबाव तो नहीं डालेंगे? 180 जगहों पर वेंडर की विश्वसनीयता और डिलीवरी की क्वालिटी बनाए रखना Swiggy के लिए एक बड़ी चुनौती होगी, क्योंकि जरा सी चूक भी ग्राहकों को दूसरे प्लेटफॉर्म की ओर मोड़ सकती है।
