दुनिया के सबसे अहम तेल व्यापार मार्गों में से एक, होरमुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में **4 अगस्त, 2026** को गिरावट देखी गई। भू-राजनीतिक तनाव और लाल सागर (Red Sea) में बढ़ते सुरक्षा जोखिमों के कारण शिपिंग कंपनियों के लिए अनिश्चितता बढ़ गई है, जिससे माल ढुलाई की लागत और बीमा प्रीमियम में वृद्धि की आशंका है।
समुद्री यातायात पर भू-राजनीतिक तनाव का असर
होरमुज़ जलडमरूमध्य, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी है, में जहाजों की आवाजाही 4 अगस्त, 2026 को कम होकर 14 रह गई, जबकि पिछले दिन यह 17 थी। यह गिरावट क्षेत्र में चल रही अस्थिरता का संकेत है, जहाँ सुरक्षा खतरों और भू-राजनीतिक तनावों के चलते शिपिंग कंपनियों को अपने परिचालन में बदलाव करने पड़ रहे हैं।
'डार्क एक्टिविटी' और बढ़ते जोखिम
समुद्री यातायात के आंकड़ों को प्रभावित करने वाला एक प्रमुख कारक 'डार्क एक्टिविटी' का बढ़ना है। इसमें जहाज अपने ऑटोमेटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS) या ट्रांसपोंडर बंद कर देते हैं ताकि वे अपनी लोकेशन छिपा सकें। इस वजह से जहाजों की सही संख्या का पता लगाना मुश्किल हो जाता है। कंपनियां और कप्तान अक्सर ऐसे इलाकों में पता लगने से बचने के लिए इस तरीके का इस्तेमाल करते हैं, जहाँ हमलों या ज़ब्ती जैसे सुरक्षा खतरों की आशंका ज़्यादा होती है।
पूरे क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है। होरमुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों की संख्या में उतार-चढ़ाव देखा गया है, लेकिन लाल सागर के पास बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य (Bab el-Mandeb Strait)—जो एक और प्रमुख व्यापार मार्ग है—में जहाजों की आवाजाही बढ़ी है। हालांकि, यह तब हुआ है जब हौथी (Houthi) समूहों ने कथित तौर पर व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाने का दावा किया है। टैंकरों के खिलाफ इन लगातार सुरक्षा खतरों ने एक जोखिम भरा माहौल बना दिया है, जिसके कारण शिपिंग कंपनियों के लिए बीमा प्रीमियम बढ़ गया है और कथित खतरे के कारण माल ढुलाई की दरें भी ऊंची हो गई हैं।
ऊर्जा सप्लाई चेन पर प्रभाव
इन चुनौतियों के बावजूद, ऊर्जा निर्यात इन जलमार्गों से होकर जारी है। आंकड़ों से पता चलता है कि खाड़ी से निकलने वाले टैंकरों में इराकी क्रूड (Iraqi crude) का एक बड़ा हिस्सा रहा है, जिसमें बसरा क्रूड (Basrah crude) के लाखों बैरल इस क्षेत्र से गुजरे हैं। इसके अलावा, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर (Qatar) में रिफाइनरियां अपने उत्पादों का प्रबंधन कर रही हैं, हालांकि रुकावटों के लगातार खतरे के कारण सप्लाई चेन मैनेजरों पर सावधानी से मार्ग चुनने का दबाव है।
मार्गों में बदलाव भी देखे जा रहे हैं। सऊदी बंदरगाह यानबू (Yanbu) का एलपीजी (LPG) निर्यात के केंद्र के रूप में उपयोग बढ़ा है, जिसमें 2026 की पहली छमाही में पिछले साल की तुलना में दोगुना वॉल्यूम दर्ज किया गया है। जब जहाज सुरक्षा चिंताओं के कारण बाब अल-मंदेब मार्ग से बचने का विकल्प चुनते हैं, तो उन्हें लंबी यात्रा करनी पड़ती है, जिससे शिपिंग क्षमता की मांग बढ़ जाती है और पूरी ऊर्जा लॉजिस्टिक्स श्रृंखला में लागत बढ़ जाती है।
वैश्विक बाजार के लिए स्थिति अभी भी अनिश्चित है। शिपर्स और ऊर्जा विश्लेषकों के लिए मुख्य चिंता केवल जहाजों की तत्काल संख्या नहीं है, बल्कि माल ले जाने की बढ़ती लागत भी है। यदि सुरक्षा स्थिति बिगड़ती है, या यदि क्षेत्रीय ताकतें नए ट्रांजिट टोल या अनिवार्य बीमा आवश्यकताएं लागू करती हैं, तो वैश्विक ऊर्जा की कीमतों में और अधिक अस्थिरता आ सकती है। निवेशकों और बाजार पर नज़र रखने वालों को ईरान और ओमान (Iran and Oman) के बीच संभावित बातचीत जैसे किसी भी नए कूटनीतिक विकास पर नजर रखनी चाहिए, साथ ही सुरक्षा घटनाओं के बारे में किसी भी अपडेट पर भी ध्यान देना चाहिए, जो शिपिंग लागत और बीमा प्रीमियम में बदलाव के मुख्य उत्प्रेरक के रूप में कार्य करते हैं।
