विंटर ट्रेवल डिमांड को भुनाने के लिए SpiceJet ने अपनी कमर कस ली है। कंपनी मिड-अक्टूबर से मिड-नवंबर 2026 के बीच **20** नए विमान अपने बेड़े में शामिल करेगी, जिससे रोजाना **200** उड़ानों का लक्ष्य हासिल किया जा सके।
फ्लीट विस्तार और रणनीति
SpiceJet अपनी ऑपरेशनल क्षमता को बढ़ाने के लिए आक्रामक मोड में है। कंपनी द्वारा शामिल किए जाने वाले 20 विमानों में 15 Boeing जेट और 5 Airbus प्लेन शामिल होंगे। ये विमान 'वेट' (wet) और 'डैम्प' (damp) लीज व्यवस्था के तहत लाए जा रहे हैं। विमानन क्षेत्र में इस तरह की लीज का फायदा यह है कि विमान जल्दी सर्विस में आ जाते हैं क्योंकि लीज देने वाली कंपनी ही क्रू और मेंटेनेंस का जिम्मा संभालती है, हालांकि इससे ऑपरेटिंग कॉस्ट में भी इजाफा होता है।
मेंटेनेंस पर भी जोर
कंपनी सिर्फ नए विमान ही नहीं ला रही, बल्कि अपने मौजूदा ग्राउंडेड विमानों को भी उड़ान भरने के लायक बना रही है। इसके लिए करीब 19 इंजन ओवरहाल के लिए अंतरराष्ट्रीय सुविधाओं में भेजे गए हैं, जिससे Boeing 737 और Q400 फ्लीट की रिलायबिलिटी बेहतर हो सके।
चुनौतियां और मार्केट का हाल
विस्तार की इन योजनाओं के बीच कंपनी के सामने चुनौतियां भी कम नहीं हैं। सितंबर 2026 में एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में 5.46% की बढ़ोतरी हुई है, जो लगातार दूसरा महीना है जब फ्यूल महंगा हुआ है। इससे कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है।
इसके अलावा, कंपनी लिक्विडिटी की कमी और कानूनी विवादों जैसे गंभीर मुद्दों से भी जूझ रही है। इन सब दबावों के बीच, 2 सितंबर 2026 को कंपनी के शेयर 4.5% गिरकर ₹9.54 पर बंद हुए। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या यह विस्तार कंपनी की लागत को कवर कर पाएगा और कैश फ्लो में कितना सुधार लाएगा।
