Delhi Airport पर यात्रियों के भारी हंगामे के बाद SpiceJet के शेयरों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। कंपनी इस वक्त गंभीर लिक्विडिटी क्राइसिस और घटते फ्लीट (Fleet) जैसी चुनौतियों से जूझ रही है, जिसके चलते शेयर **₹8.35** के नए 52-वीक निचले स्तर पर आ गया है।
दिल्ली एयरपोर्ट पर क्यों मचा बवाल?
15 सितंबर 2026 को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर स्पाइसजेट की दुबई जाने वाली फ्लाइट्स SG 5111 और SG 5105 के यात्री 24 घंटे से अधिक समय तक फंसे रहे। यात्रियों ने आरोप लगाया कि कंपनी की ओर से न तो खाना मिला और न ही कोई स्पष्ट जानकारी दी गई। एयरलाइन ने इसे एक विमान के अचानक ग्राउंड होने के कारण आई ऑपरेशनल समस्या बताया है।
घटता फ्लीट और गिरता मार्केट शेयर
कंपनी के हालात कितने खराब हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सितंबर 2026 की शुरुआत तक स्पाइसजेट का फ्लीट घटकर सिर्फ 11 सक्रिय विमानों तक सिमट गया है। जुलाई 2026 में कंपनी का घरेलू मार्केट शेयर भी गिरकर 1.6% रह गया है, जो इसकी गिरती हुई प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को दर्शाता है।
आगे क्या होगा?
कंपनी के पास नकदी (Liquidity) की भारी किल्लत है और सैलरी भुगतान में भी देरी की खबरें आ रही हैं। अब सबकी नजरें DGCA और नागरिक उड्डयन मंत्रालय पर टिकी हैं, जो इस पूरे मामले पर नजर रख रहे हैं। निवेशकों के लिए कंपनी का अगला कदम—फंड जुटाना और फ्लीट की स्थिति में सुधार—सबसे बड़ा मॉनिटरेबल फैक्टर होगा।
