SpiceJet ने अपने ऑपरेशन से पूरे Boeing 737 MAX बेड़े को हटा दिया है, जिससे अब कंपनी के पास केवल **11** सक्रिय विमान बचे हैं। भारी लिक्विडिटी संकट, कानूनी विवाद और **1 सितंबर 2026** को ATF की कीमतों में **5.46%** की बढ़ोतरी ने कंपनी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, जिसका असर शेयर पर दिख रहा है।
बेड़े में कटौती और ऑपरेशनल संकट
SpiceJet का ऑपरेशनल दायरा लगातार सिमटता जा रहा है। कंपनी ने अपने Boeing 737 MAX विमानों को नेटवर्क से बाहर करना शुरू कर दिया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब एयरलाइन गंभीर नकदी (Liquidity) के संकट से जूझ रही है। अब कंपनी के पास केवल 11 सक्रिय विमान ही बचे हैं, जो इसकी सेवाओं की क्षमता पर सीधा असर डाल रहे हैं।
कानूनी और वित्तीय दबाव
एयरलाइन पर न केवल बिजनेस का, बल्कि कानूनी शिकंजा भी कसता जा रहा है। KAL Airways और पूर्व प्रमोटर कलानिधि मारन के साथ चल रहे पेमेंट डिफॉल्ट केस में कंपनी मुश्किल में है। कोर्ट के आदेश के बावजूद ₹144 करोड़ से ज्यादा के बकाये का भुगतान करने में एयरलाइन को पसीने छूट रहे हैं। इसके साथ ही, कई विमान लीजर्स (Lessors) ने रेंट न चुकाने के कारण विमानों को वापस लेने और डी-रजिस्टर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे फ्लाइट शेड्यूलिंग में बड़ी अनिश्चितता पैदा हो गई है।
फ्यूल की बढ़ी कीमतें
ऑपरेशनल स्ट्रेस के बीच 1 सितंबर 2026 को एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में 5.46% की बढ़ोतरी ने आग में घी का काम किया है। प्रतिस्पर्धात्मक बाजार में किराए को बढ़ाना एयरलाइन के लिए मुश्किल है, जिससे प्रॉफिट मार्जिन पर और दबाव बढ़ेगा।
बाजार हिस्सेदारी में गिरावट
इन तमाम दिक्कतों का नतीजा यह हुआ है कि जुलाई 2026 तक SpiceJet की डोमेस्टिक मार्केट हिस्सेदारी घटकर महज 1.6% रह गई है। कंपनी की समयबद्धता (Punctuality) और सर्विस पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ा है। निवेशकों ने इस खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए शेयर में 1.45% से 2.81% तक की गिरावट दर्ज की है। अब सबकी नजरें इस पर टिकी हैं कि क्या कंपनी कोई नया कैपिटल इन्फ्यूजन ला पाती है या नहीं।
