SpiceJet के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कंपनी को **₹1,138.15 करोड़** का भारी घाटा हुआ है, वहीं फ्लीट साइज घटने और उड़ानों में देरी के कारण मई में मार्केट शेयर घटकर सिर्फ **3%** रह गया है।
SpiceJet के लिए बुरी खबर, घाटे का पहाड़!
एयरलाइन कंपनी SpiceJet इस समय भारी आर्थिक तंगी से गुजर रही है। 9 महीनों के दौरान कंपनी को ₹1,138.15 करोड़ का भारी नेट लॉस हुआ है। पिछले साल इसी अवधि में यह घाटा ₹266.8 करोड़ था, यानी नुकसान कई गुना बढ़ गया है। कंपनी के रेवेन्यू में भी 14% की गिरावट आई है। इन सब वजहों से SpiceJet का मार्केट शेयर मई में गिरकर महज 3% रह गया है।
देरी और फ्लीट का संकट
SpiceJet की उड़ानों में देरी का सिलसिला थम नहीं रहा। मई में 15.75% से ज्यादा उड़ानें 2 घंटे से ज्यादा लेट रहीं। वहीं, मार्केट लीडर IndiGo का यह आंकड़ा सिर्फ 0.78% था। अप्रैल में कंपनी के डोमेस्टिक फ्लाइट्स में 28% की भारी कमी देखी गई, जो इसके सिकुड़ते कारोबार का संकेत है।
ग्राउंडेड हैं विमान!
SpiceJet के कई बोइंग 737 MAX विमान ग्राउंडेड हैं। इनमें मेंटेनेंस की दिक्कतें, इंजन की समस्याएं और एयरक्राफ्ट लीजर्स के साथ पुराने विवाद शामिल हैं। कंपनी का कहना है कि इन ग्राउंडेड विमानों का असर मौजूदा ऑपरेशंस पर नहीं पड़ेगा, लेकिन छोटे फ्लीट साइज के कारण Akasa Air जैसी नई एयरलाइंस भी SpiceJet से आगे निकल गई हैं।
DGCA के नियम और आगे की राह
DGCA के नियमों के मुताबिक, SpiceJet को यात्रियों को देरी की स्थिति में खाना और अन्य सुविधाएं देनी पड़ती हैं, जिससे कंपनी पर खर्च का बोझ और बढ़ जाता है। निवेशकों के लिए कंपनी के कर्ज का मैनेजमेंट, लीजर्स के साथ विवाद सुलझाकर विमानों को वापस सेवा में लाना और कैश फ्लो को स्थिर करना सबसे बड़ी चुनौतियां हैं। कंपनी को फंडिंग जुटाने और ऑन-टाइम परफॉरमेंस (On-Time Performance) को बेहतर बनाने की सख्त जरूरत है, तभी इसकी वित्तीय स्थिरता पर कुछ कहा जा सकता है।
