टैक्स राहत की उम्मीदों से एविएशन स्टॉक्स में उछाल
SpiceJet Ltd के शेयर में लगातार दूसरे दिन 5% की ऊपरी सर्किट (upper circuit) हिट हुई है। अप्रैल में करीब 50% की भारी उछाल के बाद, यह रैली इस बात की अटकलों से प्रेरित है कि सरकार एयरलाइंस पर लागत का दबाव कम करने के लिए कदम उठा सकती है। एविएशन सेक्टर इस समय पश्चिम एशिया संकट के कारण अस्थिर वैश्विक ईंधन कीमतों और ATF की ऊंची लागत जैसी बड़ी चुनौतियों से जूझ रहा है।
सरकार का ATF टैक्स कटौती पर फोकस
सूत्रों के हवाले से खबर है कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Civil Aviation Ministry) एयरलाइन उद्योग को सहारा देने के लिए उपाय तलाश रहा है। इसमें राज्यों के साथ बातचीत करके एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर लगने वाले वैट (VAT) को कम करने का प्रस्ताव शामिल है। फिलहाल, विभिन्न राज्यों में ATF पर वैट की दरें काफी अलग-अलग हैं, जो महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में करीब 18% से लेकर दिल्ली में 25% और तमिलनाडु में लगभग 29% तक जाती हैं।
संभावित राहत के दो मुख्य रास्ते
राहत के तौर पर दो मुख्य विचार सामने आए हैं: या तो तीन से छह महीनों के लिए अस्थायी वैट कटौती की जाए, या फिर ज्यादा फ्यूल इस्तेमाल करने वाले मुख्य एयरपोर्ट हब पर विशेष दरें लागू की जाएं।
एयरलाइंस के लिए लाइफलाइन साबित हो सकती है टैक्स में कटौती
ATF टैक्स में कटौती से एयरलाइंस, खासकर SpiceJet जैसी वित्तीय मुश्किलों का सामना कर रही कंपनियों के लिए लागत का बोझ काफी कम हो सकता है। फ्यूल की लागत एयरलाइन के कुल खर्चों का एक बड़ा हिस्सा होती है, इसलिए कम टैक्स सीधे तौर पर मुनाफे को बढ़ा सकता है या नुकसान को कम कर सकता है। हालांकि SpiceJet अभी भी अपनी वित्तीय और कानूनी समस्याओं से जूझ रही है, इस संभावित सरकारी मदद की उम्मीद ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। दूसरी ओर, IndiGo (InterGlobe Aviation) के शेयरों में उतनी बड़ी हलचल नहीं दिखी, लेकिन इसने भी शुरुआती गिरावट को संभालने में कामयाबी हासिल की, जो निचले स्तरों पर कुछ खरीदारी का संकेत देता है।
