SpiceJet Share Price: शेयर **10%** लुढ़का, निवेशकों में हड़कंप! जानें वजह

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AuthorAditya Rao|Published at:
SpiceJet Share Price: शेयर **10%** लुढ़का, निवेशकों में हड़कंप! जानें वजह
Overview

SpiceJet के शेयर आज **10%** का लोअर सर्किट छूते हुए धड़ाम हो गए। भारी मात्रा में हुए ब्लॉक डील्स (Block Deals) और कंपनी के बढ़ते घाटे ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

ब्लॉक डील्स से बढ़ी चिंता

SpiceJet के शेयर 25 फरवरी 2026 को 12.88 रुपये पर 10% के लोअर सर्किट पर आ गए। सुबह तक 18.1 करोड़ से ज्यादा शेयरों का कारोबार हुआ। कंपनी की 8.4% यानी 12.86 करोड़ से ज्यादा इक्विटी (Equity) की बड़ी ब्लॉक डील्स हुई, जिससे शेयर की वैल्यूएशन (Valuation) पर सवाल उठ रहे हैं। 22 फरवरी 2026 तक SpiceJet का मार्केट कैप (Market Cap) 2,418.9 करोड़ रुपये था।

ऑपरेशनल दिक्कतें और बढ़ता घाटा

कंपनी के मैनेजमेंट के लिए मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। SpiceJet ने दिसंबर तिमाही (Q3 FY26) में 262 करोड़ रुपये का बड़ा नेट लॉस (Net Loss) दर्ज किया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 20 करोड़ का मुनाफा (Profit) था। कुल इनकम 6.6% घटकर 1,545 करोड़ रुपये रही, वहीं खर्चे 9.4% बढ़कर 1,787 करोड़ रुपये हो गए। हालांकि, रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स (Revenue from Operations) 14% बढ़कर 1,345.46 करोड़ रुपये रहा, जो घाटे के आंकड़े से अलग तस्वीर दिखाता है।

एयरलाइन का बेड़ा (Fleet) भी बड़ी समस्याओं से जूझ रहा है। जून तिमाही के अंत तक 56 में से 35 हवाई जहाज विभिन्न कारणों से ग्राउंडेड (Grounded) थे। SpiceJet अप्रैल 2026 तक 10 ग्राउंडेड विमानों को फिर से चालू करने की उम्मीद कर रही है और 10 बोइंग 737 लीज पर लिए हैं, लेकिन ज्यादातर प्लेन अभी भी उड़ान नहीं भर पा रहे हैं।

इसके अलावा, बांग्लादेश ने बकाया नेविगेशन चार्जेज (Navigation Charges) के कारण SpiceJet को अपने एयरस्पेस (Airspace) इस्तेमाल करने से रोका है। हालांकि, वहां की नागरिक उड्डयन अथॉरिटी (Civil Aviation Authority) ने कहा है कि कोई फॉर्मल बैन (Formal Ban) नहीं है, लेकिन SpiceJet ने मार्च 2024 से ओवरफ्लाइट परमिशन (Overflight Permission) नहीं मांगी है। लगभग 30 लाख अमेरिकी डॉलर के बकाया भुगतान के कारण कोलकाता से गुवाहाटी और इम्फाल जाने वाली फ्लाइट्स को लंबा रूट लेना पड़ रहा है, जिससे परिचालन लागत (Operational Costs) बढ़ रही है। 24 फरवरी 2026 को एक फ्लाइट को इंजन की समस्या के कारण दिल्ली वापस लौटना पड़ा।

सेक्टर की चाल और कॉम्पिटिशन

भारतीय एविएशन सेक्टर (Aviation Sector) कुल मिलाकर मुश्किल दौर से गुजर रहा है। ICRA का अनुमान है कि FY26 में इंडस्ट्री को 170-180 अरब रुपये का नेट लॉस हो सकता है, जो FY25 के 55 अरब के अनुमान से ज्यादा है। वहीं, IndiGo ने Q3 FY26 में 549.1 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट कमाया, हालांकि यह पिछले साल से 77.5% कम था। Akasa Air को FY25 में 1,983 करोड़ का नेट लॉस हुआ। SpiceJet की डोमेस्टिक मार्केट शेयर (Domestic Market Share) दिसंबर 2025 में 4.3% रही।

एनालिस्ट की राय और पिछला प्रदर्शन

एनालिस्ट (Analysts) SpiceJet को लेकर बहुत नेगेटिव (Negative) हैं। ज्यादातर की 'Sell' रेटिंग है और औसत 12-महीने का टारगेट प्राइस (Target Price) 19.05 रुपये है। MarketsMojo ने इसे 'Strong Sell' रेटिंग दी है, जो कमजोर फंडामेंटल (Fundamentals), गिरती सेल्स (Sales) और बढ़ते प्रमोटर प्लेज (Promoter Pledge) का संकेत देता है। प्रमोटर्स ने अपनी 47.7% हिस्सेदारी गिरवी रखी है। पिछले 12 महीनों में शेयर 64.24% गिर चुका है और 16.3 रुपये के 52-हफ्ते के लो (52-week low) के करीब ट्रेड कर रहा था।

कंपनी की कमजोर फाइनेंशियल पोजीशन

SpiceJet की फाइनेंशियल कंडीशन (Financial Condition) बेहद कमजोर मानी जा रही है। इसका प्राइस-टू-अर्निंग रेश्यो (Price-to-Earnings Ratio) नेगेटिव है और शेयरहोल्डर इक्विटी (Shareholder Equity) लगभग -1,942.37 करोड़ रुपये है। कंपनी पर 806 करोड़ रुपये की कंटिंजेंट लायबिलिटी (Contingent Liabilities) भी है।

आगे की राह

FY26 में इंडस्ट्री में अनुमानित घाटे को देखते हुए SpiceJet के लिए राह आसान नहीं है। एनालिस्ट टारगेट प्राइस 19.05 रुपये के हिसाब से मामूली ही उछाल की उम्मीद है। लगातार ऑपरेशनल दिक्कतें, बढ़ता घाटा और नेगेटिव मार्केट सेंटिमेंट (Market Sentiment) के चलते कंपनी की रिकवरी (Recovery) दूर की कौड़ी लग रही है।

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