SpiceJet की डूबती नैया! UK कोर्ट का ₹66 करोड़ चुकाने का फरमान, डिफॉल्ट का मंडराया खतरा

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AuthorAditya Rao|Published at:
SpiceJet की डूबती नैया! UK कोर्ट का ₹66 करोड़ चुकाने का फरमान, डिफॉल्ट का मंडराया खतरा
Overview

एयरलाइन SpiceJet के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। एक यूके कोर्ट ने कंपनी को सनबर्ड फ्रांस 02 एसएएस (Sunbird France 02 SAS) को इंजन के किराए और मेंटेनेंस के लिए करीब **$8 मिलियन** (लगभग **₹66 करोड़**) का भुगतान करने का आदेश दिया है।

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यूके कोर्ट का बड़ा फैसला: SpiceJet पर ₹66 करोड़ से ज़्यादा का बकाया

एक यूके कोर्ट ने एयरलाइन SpiceJet को एक बड़ा झटका देते हुए सनबर्ड फ्रांस 02 एसएएस (Sunbird France 02 SAS) को करीब $8 मिलियन (लगभग ₹66 करोड़) की राशि का भुगतान करने का आदेश दिया है। यह आदेश इंजन के किराए (जो जनवरी 2022 से बकाया है) और नवंबर 2020 से लंबित मेंटेनेंस चार्जेज के भुगतान से जुड़ा है। दिलचस्प बात यह है कि SpiceJet की लीगल टीम ने मामले में पैरवी की, लेकिन एयरलाइन कोर्ट में अपना बचाव पेश करने में नाकाम रही, जिसके चलते कोर्ट को उनके खिलाफ फैसला सुनाना पड़ा। यह कानूनी पेंच एयरलाइन की पहले से ही कमजोर वित्तीय स्थिति को और गंभीर बना देता है।

SpiceJet के बढ़ते वित्तीय संकट के संकेत

SpiceJet की आर्थिक सेहत लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। अप्रैल 2026 में समाप्त होने वाले बारह महीनों के लिए कंपनी का पी/ई रेशियो (P/E ratio) -6.00 दर्ज किया गया है, जो भारी नुकसान को दर्शाता है। अप्रैल 2026 की शुरुआत में, कंपनी का मार्केट वैल्यू लगभग ₹1,700-₹1,784 करोड़ के आसपास था, और स्टॉक प्राइस ₹11.14-₹11.70 के दायरे में कारोबार कर रहा था। इस वित्तीय दबाव को ऑडिटर की चेतावनी ने और बढ़ा दिया है, जिन्होंने लगातार नुकसान और नकदी की कमी के चलते कंपनी की संचालन क्षमता पर सवाल उठाए हैं। पिछले एक साल में SpiceJet के शेयर में -56% से लेकर -77% तक की भारी गिरावट देखी गई है।

प्रतिस्पर्धियों से पिछड़ती SpiceJet, मार्केट शेयर में भारी गिरावट

अगस्त 2025 तक, SpiceJet का डोमेस्टिक मार्केट शेयर घटकर मात्र 2% रह गया है, जो इंडिगो (IndiGo) जैसी प्रमुख एयरलाइंस से काफी पीछे है, जिसका मार्केट शेयर 63% से अधिक है। यहां तक कि अकासा एयर (Akasa Air) जैसी नई एयरलाइंस ने भी अगस्त 2025 में 5.4% मार्केट शेयर पर कब्जा कर SpiceJet को पीछे छोड़ दिया है। जबकि भारतीय एविएशन सेक्टर में मजबूत ग्रोथ की उम्मीद है, और बाजार का मूल्य 2034 तक USD 45.59 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, SpiceJet का प्रदर्शन लगातार गिर रहा है। फ्लाइट कैपेसिटी की सीमाएं और परिचालन संबंधी चुनौतियों के चलते FY26 में डोमेस्टिक पैसेंजर ग्रोथ केवल 0-3% रहने की उम्मीद है।

निराशाजनक भविष्य और बढ़ता जोखिम

$8 मिलियन के इस भुगतान मामले में SpiceJet का बचाव न कर पाना एक बड़ा चेतावनी संकेत है, जो कंपनी की अपनी वित्तीय देनदारियों को पूरा करने में संसाधनों की गंभीर कमी को उजागर करता है। एयरलाइन के वित्तीय संघर्षों और ऑडिटर के संदेह को देखते हुए, यह फैसला अन्य क्रेडिटर्स को भी आगे की कार्रवाई के लिए प्रेरित कर सकता है। प्रतिस्पर्धा के मोर्चे पर, SpiceJet न केवल इंडिगो की विशालता और लाभप्रदता से पिछड़ रही है, बल्कि अकासा एयर जैसी नई और अच्छी फंडिंग वाली कंपनियों से भी पिछड़ रही है जो आक्रामक रूप से विस्तार कर रही हैं। एनालिस्ट्स का दृष्टिकोण भी नकारात्मक है, जिनमें से अधिकांश स्टॉक को 'सेल' (Sell) या 'होल्ड' (Hold) रेटिंग दे रहे हैं और प्राइस टारगेट ₹22 से नीचे रख रहे हैं। कई एनालिस्ट्स SpiceJet को एक हाई-रिस्क स्टॉक मानते हैं, जो आने वाले तीन सालों तक घाटे में रहने की संभावना है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.