सरकारी मदद से एविएशन सेक्टर में रौनक
SpiceJet और IndiGo की पैरेंट कंपनी InterGlobe Aviation के शेयरों में बुधवार को शानदार तेजी देखी गई। यह उछाल सरकार की ओर से इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) 5.0 को मिली मंजूरी के बाद आया है। इस स्कीम को खास तौर पर छोटे और मध्यम उद्यमों (MSMEs) और एयरलाइंस को लिक्विडिटी (liquidity) की समस्या से निकालने के लिए लाया गया है, खासकर वेस्ट एशिया संघर्ष के बाद बढ़ी वित्तीय दिक्कतों को दूर करने के लिए।
ECLGS 5.0: क्या है खास?
यूनियन कैबिनेट ने इस वित्तीय पैकेज के तहत कुल ₹18,100 करोड़ का आवंटन किया है। इसमें से एयरलाइंस के लिए ₹5,000 करोड़ अलग रखे गए हैं। यह स्कीम फरवरी में शुरू हुए वेस्ट एशिया संघर्ष के बाद एयरलाइंस के सामने आई कैश फ्लो (cash flow) की दिक्कतों को दूर करने में मदद करेगी।
सिविल एविएशन मंत्री K Rammohan Naidu ने X (पहले ट्विटर) पर कहा, "यह स्कीम नौकरियों को सुरक्षित करने, कनेक्टिविटी बनाए रखने और एविएशन इकोसिस्टम में लचीलापन सुनिश्चित करने के साथ-साथ MSMEs का समर्थन करने के लिए मजबूत वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।" इसका मुख्य मकसद बैंकों और फाइनेंसियल इंस्टीट्यूशन्स से समय पर कैश सपोर्ट सुनिश्चित करके एयरलाइंस को दिवालिया होने से बचाना और कनेक्टिविटी बनाए रखना है।
एयरलाइंस के लिए क्रेडिट की शर्तें
पैसेंजर एयरलाइंस अपनी सबसे ज़्यादा बकाया क्रेडिट के बराबर राशि, अधिकतम ₹1,500 करोड़ तक का लोन ले सकती हैं। यह क्रेडिट पहली बार लोन मिलने की तारीख से 7 साल के लिए उपलब्ध होगा, जिसमें पहले 2 साल तक कोई रीपेमेंट (repayment) नहीं करना होगा। यह स्कीम 31 मार्च 2027 तक लोन के लिए अप्लाई करने की अनुमति देती है।
