टैक्स चोरी का बड़ा मामला
गुरुग्राम के GST विभाग ने SpiceJet के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। DGGI ने ₹124.65 करोड़ की टैक्स देनदारी का खुलासा करते हुए शो-कॉज नोटिस जारी किया है। यह नोटिस 25 मई, 2026 को भेजा गया था। कंपनी पर आरोप है कि उसने नवंबर 2025 और दिसंबर 2025 के रिटर्न फाइल नहीं किए, जिसमें ₹88.23 करोड़ का टैक्स बकाया है। इसके अलावा, 2026 की पहली तिमाही में भी ₹36.42 करोड़ का टैक्स जमा नहीं किया गया।
रजिस्ट्रेशन रद्द होने का खतरा
अगर SpiceJet इस टैक्स डिमांड को पूरा नहीं करती है और अपने रिटर्न फाइल नहीं करती है, तो कंपनी का GST रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है। इसका मतलब होगा कि एयरलाइन अपना परिचालन जारी नहीं रख पाएगी और पूरी तरह से बंद हो सकती है। यह स्थिति एयरलाइन के लिए पहले से चल रहे लिक्विडिटी संकट को और भी गंभीर बना देगी। कंपनी पहले से ही ₹28 अरब के निगेटिव इक्विटी (Negative Equity) और लगातार गिरते शेयर भाव से जूझ रही है।
निवेशकों का बढ़ता डर
बाजार विश्लेषकों (Market Analysts) का मानना है कि SpiceJet की यह समस्या उसके पुराने वित्तीय संकट और अस्थिरता का ही नतीजा है। बड़ी एयरलाइंस की तुलना में SpiceJet की बैलेंस शीट कमजोर है और उसका ट्रैक रिकॉर्ड भी अच्छा नहीं रहा है। स्टॉक का प्रदर्शन लगातार खराब रहा है और यह अपने अहम मूविंग एवरेज (Moving Averages) से काफी नीचे ट्रेड कर रहा है। जानकारों का कहना है कि मौजूदा कैश फ्लो के हिसाब से कंपनी के पास एक साल से भी कम का कैश बचा है। कंपनी ने हाल ही में अपनी लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए कुछ एसेट्स बेचने की कोशिश की थी, लेकिन तिमाही नतीजों में भारी नुकसान के चलते यह प्रयास भी नाकाम रहा।
भविष्य की राह मुश्किल
SpiceJet का मैनेजमेंट 2027 तक मुनाफा कमाने की योजना पर काम कर रहा है, जिसमें फ्लीट बढ़ाना और खर्चों को कम करना शामिल है। लेकिन, टैक्स अथॉरिटीज के साथ चल रहा यह विवाद दिखाता है कि कंपनी की योजनाओं और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर है। बाजार की सेंटीमेंट (Market Sentiment) अभी भी एयरलाइन के खिलाफ है और जब तक कंपनी वित्तीय स्थिरता और कानूनी देनदारियों का समाधान नहीं दिखाती, तब तक बड़े निवेशक दूरी बनाए रखेंगे।
