SpiceJet के लिए मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। विमान लीजिंग कंपनियों ने बकाया लीज रेंटल्स का भुगतान न होने के कारण चार बोइंग 737 मैक्स विमानों को वापस लेने की मांग की है। एयरलाइन लगातार वित्तीय संकट का सामना कर रही है, जिसका असर उसके बेड़े (fleet) पर भी दिख रहा है और अधिकांश विमान फिलहाल ग्राउंडेड हैं।
लीज कंपनियों का दबाव और DGCA को अर्जी
SpiceJet पर विमान लीज पर देने वाली कंपनियों का दबाव बढ़ गया है। एविएशन रेगुलेटर, डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA), से एयरलाइन लीजिंग कंपनियों ने चार बोइंग 737 मैक्स विमानों को वापस लेने की अनुमति मांगी है। इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना (Industrial & Commercial Bank of China) की लीजिंग आर्म का यह कदम एयरलाइन की लीज रेंटल्स का भुगतान करने में आ रही दिक्कतों को उजागर करता है। पिछले साल हुए विधायी बदलावों के बाद, डिफॉल्ट करने वाली एयरलाइनों से संपत्ति की वसूली की प्रक्रिया लीज कंपनियों के लिए आसान हो गई है।
बेड़े (Fleet) पर असर और संचालन की चुनौती
एयरलाइन की संचालन क्षमता गंभीर रूप से सीमित बनी हुई है, क्योंकि उसके कुल बेड़े का लगभग 80% हिस्सा अभी भी ग्राउंडेड है। वर्तमान में, एयरलाइन अपने नेटवर्क को बनाए रखने के लिए केवल एक दर्जन के आसपास विमानों पर निर्भर है और लगभग 60 दैनिक उड़ानें ही संचालित कर पा रही है। मैनेजमेंट का कहना है कि जिन विमानों को वापस लेने की बात चल रही है, वे पहले से ही एक साल से अधिक समय से सेवा में नहीं हैं। कंपनी का दावा है कि इन विमानों को हटाने से मौजूदा सक्रिय उड़ान कार्यक्रम पर कोई असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, परिचालन योग्य विमानों की कमी ने एक दुष्चक्र बना दिया है, क्योंकि वित्तीय बाधाओं के कारण एयरलाइन नियमित रखरखाव के लिए आवश्यक स्पेयर पार्ट्स भी नहीं खरीद पा रही है।
वित्तीय स्थिति और नकदी की किल्लत
कंपनी का वित्तीय स्वास्थ्य लगातार चिंता का विषय बना हुआ है। हालाँकि SpiceJet ने 2024 में ₹3,000 करोड़ जुटाए थे, लेकिन इसका एक बड़ा हिस्सा गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST), टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स (TDS) और प्रोविडेंट फंड (PF) जैसे बकाया वैधानिक शुल्कों को चुकाने में चला गया। इसके चलते एयरलाइन के पास दैनिक संचालन के लिए या बढ़ती देनदारियों को पूरा करने के लिए सीमित नकदी भंडार बचा है। एयरलाइन की सर्विस मेट्रिक्स में भी इसका असर दिख रहा है; मई की रिपोर्टों के अनुसार, सभी डोमेस्टिक कैरियर्स में SpiceJet की कैंसलेशन रेट सबसे अधिक और ऑन-टाइम परफॉरमेंस सबसे कम रही।
इसके अलावा, वित्तीय संकट का असर कर्मचारियों पर भी पड़ा है। कई कर्मचारियों के वेतन भुगतान में देरी की खबरें हैं और कई स्टाफ सदस्यों को बिना वेतन के छुट्टी पर भेज दिया गया है। ये घटनाक्रम कंपनी की दीर्घकालिक परिचालन स्थिरता पर सवाल खड़े करते हैं।
निवेशक एयरलाइन और लीज कंपनियों के बीच बेड़े की स्थिति को लेकर चल रही चर्चाओं पर नजर रख सकते हैं। इन पुन: कब्जे (repossession) के अनुरोधों के समाधान, सक्रिय उड़ान नेटवर्क में किसी भी बदलाव और एयरलाइन की नकदी प्रवाह को स्थिर करने की क्षमता के संबंध में भविष्य के अपडेट, कंपनी के चल रहे रिकवरी प्रयासों को समझने के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
