कैश की तंगी से जूझ रही SpiceJet की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स की देरी और कैंसिलेशन के चलते यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जो एयरलाइन की बिगड़ती ऑपरेशनल स्थिति को दर्शाता है।
दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर SpiceJet के यात्रियों को उस समय भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा जब एयरलाइन की कई फ्लाइट्स लेट हुईं या रद्द कर दी गईं। स्थिति इतनी खराब हो गई कि एयरपोर्ट अथॉरिटी को यात्रियों की सहायता के लिए अतिरिक्त ग्राउंड स्टाफ तैनात करना पड़ा।\n\n### फंड की कमी और ऑपरेशनल चुनौती\n\nयह पूरी स्थिति कंपनी के गहरे फाइनेंशियल संकट को बयां करती है। एयरलाइन का एक बड़ा हिस्सा नकदी की कमी के कारण अभी भी ग्राउंडेड है, जिससे फ्लाइट शेड्यूल बनाए रखना कंपनी के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। इंडिगो (IndiGo), एयर इंडिया (Air India) और अकासा एयर (Akasa Air) जैसे मजबूत विकल्पों के बीच अपनी मार्केट शेयर को बचाए रखना कंपनी के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।\n\n### सरकार और रेगुलेटर की नजर\n\nस्थिति को सुधारने के लिए एयरलाइन 'इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम' का सहारा ले रही है, ताकि फ्यूल और मेंटेनेंस के खर्च को पूरा किया जा सके। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने भी साफ किया है कि सरकार लगातार एयरलाइंस के संपर्क में है और SpiceJet के मैनेजमेंट से उनके रिकवरी प्लान पर बात चल रही है।\n\nहालांकि, निवेशकों के लिए असली परीक्षा यह होगी कि कंपनी इन फंड्स का उपयोग लीजर्स के साथ कानूनी विवाद सुलझाने और ग्राउंडेड विमानों को वापस उड़ाने में कितनी जल्दी कर पाती है। अगर शेड्यूल में सुधार नहीं हुआ, तो एयरलाइन को अपने कॉम्पिटिटर्स के सामने बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।
