दिल्ली हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई
एयरक्राफ्ट लीजर Sunbird France 02 SAS ने यूके की एक अदालत के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में लागू कराने की अर्जी दी है। यह मामला SpiceJet द्वारा 2019 में लीज पर लिए गए तीन एयरक्राफ्ट इंजनों के बकाया लीज रेंटल और मेंटेनेंस से जुड़ा है, जिसकी रकम करीब ₹66 करोड़ ($8 मिलियन) बताई जा रही है। दिल्ली हाईकोर्ट ने SpiceJet को आदेश दिया है कि वह अपनी सभी संपत्तियों का एफिडेविट (Affidavit) कोर्ट में पेश करे। SpiceJet के वकील ने इस पर अधिक समय मांगा है और लीजर के पावर ऑफ अटॉर्नी (Power of Attorney) पर भी सवाल उठाए हैं।
SpiceJet की कानूनी चाल और वित्तीय संकट
SpiceJet ने लीजर के पावर ऑफ अटॉर्नी की वैधता पर भी सवाल उठाया है। एयरलाइन का कहना है कि यह भारतीय कानून के तहत स्टैम्प ड्यूटी (Stamp Duty) के नियमों का पालन नहीं करता। SpiceJet के वकील ने कोर्ट से कहा कि एयरलाइन अभी भी परिचालन (Operational) में है और इसे तुरंत संपत्ति का खुलासा करने से छूट मिलनी चाहिए। यह कानूनी पैंतरेबाज़ी ऐसे समय में आई है जब एयरलाइन गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रही है। ऑडिटर (Auditors) बार-बार इस बात की चेतावनी दे रहे हैं कि एयरलाइन का भारी घाटा और नेगेटिव नेट वर्थ (Negative Net Worth) के चलते इसका भविष्य अनिश्चित है। मई 2026 तक, कंपनी का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन (Market Capitalization) लगभग ₹1,972 करोड़ था, लेकिन पिछले एक साल में शेयर की कीमतों में भारी गिरावट आई है और P/E रेश्यो (P/E Ratio) नेगेटिव बना हुआ है, जो लगातार हो रहे नुकसान को दर्शाता है।
अंदरूनी वित्तीय कमजोरियां
SpiceJet की वित्तीय हालत बेहद कमजोर है। कंपनी लगातार ऑपरेटिंग लॉस (Operating Loss) झेल रही है और इसका नेट वर्थ नेगेटिव है। एयरलाइन अपने मुख्य एविएशन बिजनेस से कैश जेनरेट करने के बजाय 'अन्य आय' (Other Income) जैसे अकाउंटिंग गेन (Accounting Gain) और ब्याज आय (Interest Income) पर निर्भर है। प्रमोटरों (Promoters) की हिस्सेदारी करीब 24.19% है, जिसमें से एक बड़ा हिस्सा गिरवी रखा हुआ है। एयरलाइन का बेड़ा सिकुड़ रहा है, कानूनी देनदारियां बढ़ रही हैं और कर्मचारियों के वेतन का भुगतान भी बकाया है। वहीं, IndiGo जैसी प्रतिद्वंद्वी एयरलाइंस की वित्तीय स्थिति काफी मजबूत है। SpiceJet का डेट-टू-इक्विटी रेश्यो (Debt-to-Equity Ratio) भी चिंता का विषय है, क्योंकि नेगेटिव शेयरहोल्डर इक्विटी (Shareholder Equity) के कारण कुछ रिपोर्ट्स में यह नेगेटिव दिखाया जा रहा है।
भविष्य के संचालन पर असर
Sunbird France 02 SAS द्वारा यूके कोर्ट के फैसले को लागू कराने की कोशिश SpiceJet की कानूनी और वित्तीय स्थिति के लिए एक और बड़ी चुनौती पेश करती है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि एयरलाइन अपनी देनदारियों का भुगतान कैसे करती है और अपने संचालन को जारी रख पाती है या नहीं। SpiceJet का भविष्य नए फंडिंग (Funding) को सुरक्षित करने और अपने कई कानूनी विवादों को सुलझाने पर निर्भर करेगा।
