SpiceJet ने BSE को दी जानकारी में साफ किया है कि DGCA द्वारा की जा रही निगरानी एक नियमित प्रक्रिया है। यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है जब अगस्त में कंपनी का घरेलू मार्केट शेयर घटकर **1.2%** रह गया है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है और शेयर **2%** से अधिक फिसल गया है।
रेगुलेटरी निगरानी पर सफाई
SpiceJet ने सोमवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) को एक औपचारिक जानकारी दी है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा की जा रही वर्तमान मॉनिटरिंग इंडस्ट्री की स्टैंडर्ड ओवरसाइट का हिस्सा है। एयरलाइन ने जोर देकर कहा कि इस तरह के 'स्पॉट चेक' और निगरानी एक सामान्य प्रक्रिया है और इसे किसी सुरक्षा संबंधी नई चिंता के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह स्पष्टीकरण सिविल एविएशन मिनिस्टर की हालिया टिप्पणियों के बाद दिया गया है।
गिरता मार्केट शेयर और चुनौतियां
कंपनी के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। हालिया आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2026 में एयरलाइन का घरेलू मार्केट शेयर गिरकर 1.2% हो गया है, जो जून में 1.9% और जुलाई में 1.6% था। इस लगातार गिरावट ने कंपनी की कॉम्पिटिटिव क्षमता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इन चुनौतियों से निपटने के लिए, SpiceJet अपनी फ्लीट में 20 नए लीज्ड एयरक्राफ्ट शामिल करने की तैयारी में है। इसमें 15 Boeing और 5 Airbus विमान शामिल हैं, ताकि विंटर शेड्यूल के लिए ऑपरेशंस को बढ़ाया जा सके।
फाइनेंशियल सेहत और निवेशकों का मूड
कंपनी की लिक्विडिटी और फाइनेंशियल स्थिति लंबे समय से निवेशकों के लिए सिरदर्द बनी हुई है। इससे पहले कंपनी ने इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) के तहत ₹150 करोड़ की सरकारी सहायता ली थी।
सोमवार को बाजार में इसका असर दिखा और SpiceJet के शेयर 2% से ज्यादा गिरकर लगभग ₹9.10 के स्तर पर ट्रेड कर रहे थे। वेतन में देरी और ऑपरेशनल दिक्कतों के बीच, निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि कंपनी नए विमानों को कितनी जल्दी शामिल कर पाती है और क्या वह बिना किसी सख्त रेगुलेटरी कार्रवाई के अपनी स्थिति संभाल पाती है।
