Singapore Airlines ने साफ कर दिया है कि वह Air India में भविष्य में किसी भी तरह के फंड की जरूरत को 'मामले-दर-मामले' के आधार पर परखेगी। एयरलाइन Air India में अपनी **25.1%** हिस्सेदारी बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन यह फैसला एयर इंडिया के **₹26,400 करोड़** के भारी नुकसान के बाद आया है।
क्यों बरती जा रही है सावधानी?
Singapore Airlines (SIA) ने Air India को किसी भी तरह की वित्तीय मदद देने के मामले में सावधानी बरतने के संकेत दिए हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में किसी भी अतिरिक्त पूंजी निवेश का फैसला एक गहन, 'मामले-दर-मामले' के आधार पर जांच के बाद ही लिया जाएगा। यह स्पष्टीकरण Securities Investors Association (Singapore) की पूछताछ के जवाब में वार्षिक आम बैठक से पहले दिया गया है।
25.1% हिस्सेदारी पर अडिग, पर फंड की कोई सीमा नहीं
SIA का कहना है कि टाटा ग्रुप के स्वामित्व वाली एयरलाइन में उसकी 25.1% की हिस्सेदारी उसकी मल्टी-हब ग्रोथ स्ट्रेटेजी का एक अहम हिस्सा है। हालांकि, कंपनी ने यह भी साफ किया है कि भविष्य में फंड देने की कोई निश्चित सीमा या 'ब्लैंकेट कमिटमेंट' नहीं है। इसका मतलब है कि किसी भी फंड की रिक्वेस्ट का मूल्यांकन SIA के अपने वित्तीय संसाधनों, व्यापक व्यावसायिक लक्ष्यों और Air India की विशेष रणनीतिक जरूरतों के आधार पर किया जाएगा। यह कदम पूंजी अनुशासन पर ध्यान केंद्रित करता है, क्योंकि दोनों एयरलाइंस बड़े पैमाने पर बेड़े (fleet) और सेवा परिवर्तन परियोजनाओं से जुड़ी भारी लागतों से जूझ रही हैं।
Air India का भारी घाटा और SIA पर असर
वित्तीय वर्ष 2026 के लिए, Air India ने ₹26,400 करोड़ का भारी शुद्ध घाटा दर्ज किया है। एयरलाइन अपने बेड़े को अपग्रेड करने, अपने नेटवर्क का विस्तार करने और पूर्व Vistara एयरलाइन को अपने संचालन में एकीकृत करने से जुड़ी लागतों के प्रबंधन में भारी निवेश कर रही है। इन नतीजों के चलते, Singapore Airlines ने अपने निवेश से S$330 मिलियन का नुकसान दर्ज किया, जो कि भारतीय रुपये में लगभग ₹2,180 करोड़ है। यह पिछले साल के विपरीत है, जब SIA ने Vistara में अपने निवेश से S$48 मिलियन का प्रॉफिट शेयर दर्ज किया था।
परिचालन में चुनौतियां
Air India एक कठिन परिचालन माहौल से जूझ रही है। कंपनी को जेट फ्यूल की ऊंची कीमतों, परिचालन लागतों को प्रभावित करने वाले मुद्रा में उतार-चढ़ाव और वैश्विक सप्लाई चेन में जारी व्यवधानों का सामना करना पड़ रहा है, जो विमानों के रखरखाव और डिलीवरी शेड्यूल को प्रभावित कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, उड़ान पथ प्रतिबंधों और चल रही दुर्घटना जांचों जैसी परिचालन चुनौतियों ने मैनेजमेंट का ध्यान खींचा है। इन मुद्दों के बावजूद, SIA ने नोट किया कि Air India ने ग्राहक सेवा में सुधार, उड़ान मार्गों के विस्तार और ग्राउंड ऑपरेशन्स को बेहतर बनाने में स्पष्ट प्रगति की है।
भविष्य की राह
Singapore Airlines टाटा ग्रुप के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बनी हुई है। SIA के सीईओ Goh Choon Phong Air India के बोर्ड में निदेशक के रूप में सेवारत हैं, और इस साझेदारी का उद्देश्य Air India के दीर्घकालिक सुधार में SIA की विशेषज्ञता का लाभ उठाना है। निवेशकों को पूंजी आवंटन से संबंधित भविष्य के खुलासों पर, साथ ही बेहतर परिचालन दक्षता और अपने विस्तारित बेड़े व नेटवर्क के सफल एकीकरण के माध्यम से घाटे को कम करने में Air India की प्रगति पर नजर रखनी चाहिए।
