Singapore Airlines ने साफ कर दिया है कि भारत में अपने सभी निवेश, जिसमें Air India में उसकी **25.1%** हिस्सेदारी भी शामिल है, उन्हें कंपनी अपने इंटरनल फंड से ही पूरा करेगी।
फंडिंग को लेकर बड़ी स्पष्टता
Singapore Airlines (SIA) ने सिंगापुर की संसद में स्पष्ट किया है कि भारत से जुड़ी उनकी सभी फ्यूचर निवेश योजनाएं कंपनी के अपने इंटरनल रिसोर्सेज से ही पूरी की जाएंगी। यह बयान ऐसे समय पर आया है जब Air India के टर्नअराउंड प्लान के लिए लगातार फंड की जरूरत की खबरें चल रही हैं।
एयर इंडिया की जरूरतें और SIA की रणनीति
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, Air India को अपने ऑपरेशनल रिस्ट्रक्चरिंग के लिए करीब $1.5 बिलियन की इक्विटी की जरूरत है। इस पर SIA का कहना है कि वे पूंजी आवंटन (Capital Allocation) में पूरी तरह अनुशासित रहेंगे। इसका मतलब है कि भारत में किसी भी वित्तीय सपोर्ट को कंपनी के अन्य प्राथमिकता वाले कामों, जैसे कि फ्लीट मॉडर्नाइजेशन और शेयरहोल्डर रिटर्न के साथ मुकाबला करना होगा।
प्रॉफिट में बड़ी गिरावट का असर
कंपनी का यह स्टैंड इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल ही में Singapore Airlines का नेट प्रॉफिट 57% गिरकर S$1.184 बिलियन रहा है। चुनौतीपूर्ण फाइनेंशियल माहौल के बीच, निवेशक कंपनी के खर्चों पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल, भारत में कोई भी निवेश कंपनी के बोर्ड की कठोर मंजूरी और चयन के बाद ही संभव होगा।
सरकारी दखल से इनकार
सिंगापुर सरकार ने भी साफ किया है कि वे एयरलाइन के कमर्शियल फैसलों में कोई दखल नहीं देंगे। यानी एयर इंडिया में और अधिक पैसा लगाने का फैसला पूरी तरह से कंपनी के मैनेजमेंट और बोर्ड पर निर्भर करेगा, न कि किसी बाहरी राजनीतिक दबाव पर। अब निवेशकों की नजर कंपनी के बैलेंस शीट और उसकी क्षमता पर टिकी है कि वह अपने मौजूदा खर्चों के साथ भारत के विस्तार को कैसे मैनेज करती है।
