Singapore Airlines को अप्रैल-जून तिमाही में **$76 मिलियन** का नेट लॉस (Net Loss) हुआ है। बढ़ी हुई फ्यूल कीमतों ने कंपनी के रिकॉर्ड रेवेन्यू पर पानी फेर दिया। वहीं, Air India में **25.1%** हिस्सेदारी कंपनी के लिए एक अहम फोकस बनी हुई है, क्योंकि भारतीय एयरलाइन अपने बेड़े और सेवाओं में बदलाव ला रही है। हालांकि, ट्रैवल की मांग मजबूत बनी हुई है, लेकिन बढ़ती ऑपरेटिंग कॉस्ट और भू-राजनीतिक दबाव एयरलाइन की लाभप्रदता के लिए चुनौती बने हुए हैं।
Detailed Coverage
फ्यूल की कीमतों का असर
Singapore Airlines (SIA) ने जून 2026 को समाप्त तिमाही में $76 मिलियन का नेट लॉस दर्ज किया है, जबकि कंपनी ने रिकॉर्ड रेवेन्यू हासिल किया। ग्रुप ने $5,714 मिलियन का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 19.3% अधिक है। हालांकि, इस ग्रोथ पर ऑपरेटिंग खर्चों में 27.9% की भारी बढ़ोतरी का साया रहा, जो बढ़ती फ्यूल कीमतों के कारण $5,609 मिलियन तक पहुंच गया।
फ्यूल कॉस्ट ने घटाया मार्जिन
विमानन सेक्टर लगातार वोलेटाइल जेट फ्यूल की कीमतों से जूझ रहा है। Singapore Airlines ने बताया कि उसके नेट फ्यूल कॉस्ट में 78.5% की बढ़ोतरी हुई, जो $2,253 मिलियन तक पहुंच गई। मध्य-पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण ग्लोबल फ्यूल कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। एयरलाइन ने किराए और कार्गो रेट में एडजस्टमेंट करके इन खर्चों को मैनेज करने की कोशिश की, लेकिन ये कदम बढ़ी हुई लागत को पूरी तरह से कवर करने के लिए पर्याप्त नहीं थे। ग्रुप ने कहा कि फ्यूल हेजिंग से कुछ फायदा हुआ, लेकिन कीमतों में भारी बढ़ोतरी ने तिमाही के लिए ऑपरेटिंग प्रॉफिट को घटाकर $299 मिलियन कर दिया।
Air India का ट्रांसफॉर्मेशन और पार्टनरशिप
Singapore Airlines ने इस बात पर जोर दिया कि Air India में उसकी 25.1% हिस्सेदारी उसकी लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजी का एक अहम हिस्सा है। Air India के ट्रांसफॉर्मेशन प्लान पर सक्रिय रूप से काम चल रहा है, जिसमें बेड़े के नवीनीकरण और विमानों की रेट्रोफिटिंग पर ध्यान दिया जा रहा है। टाटा संस (Tata Sons) और Singapore Airlines, दोनों ही ऑपरेशनल एफिशिएंसी और सर्विस क्वालिटी को बेहतर बनाने पर केंद्रित हैं। हालांकि, Air India में यह निवेश इस तिमाही के फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर भी भारी पड़ा, क्योंकि भारतीय एयरलाइन ने $42 मिलियन का घाटा दर्ज किया, जिसने SIA ग्रुप के ओवरऑल बॉटम लाइन को प्रभावित किया।
मार्केट डिमांड और आउटलुक
फाइनेंशियल चुनौतियों के बावजूद, ग्रुप ने बताया कि पैसेंजर डिमांड मजबूत बनी हुई है। SIA और उसकी लो-कॉस्ट कैरियर, Scoot ने तिमाही के दौरान रिकॉर्ड 10.9 मिलियन यात्रियों को सेवा दी। कार्गो डिमांड में भी मजबूती दिखी, खासकर सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर लॉजिस्टिक्स से जुड़े सेक्टरों में। आने वाले समय में, ग्रुप Air India के साथ अपने कमर्शियल संबंधों को मजबूत कर रहा है, जिसमें कोडशेयर एग्रीमेंट (codeshare agreements) और लॉयल्टी प्रोग्राम (loyalty programs) का विस्तार शामिल है, जो अगले कुछ महीनों में और बढ़ेंगे।
निवेशकों के लिए, ग्लोबल जेट फ्यूल कीमतों की स्थिरता और Air India के टर्नअराउंड की गति मुख्य देखने लायक बातें हैं। हालांकि रेवेन्यू ग्रोथ यह दिखाती है कि डिमांड कोई समस्या नहीं है, लेकिन ग्रुप की नॉन-फ्यूल खर्चों को मैनेज करने की क्षमता और भारतीय बाजार के साथ अपने विस्तारित नेटवर्क को सफलतापूर्वक इंटीग्रेट करना भविष्य में प्रॉफिट रिकवरी के लिए महत्वपूर्ण कारक होंगे।
