खलोता (Khalota) के पास सड़क धंसने से Shimla-Bilaspur-Dharamshala नेशनल हाईवे को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इससे नौ जिलों की कनेक्टिविटी प्रभावित हुई है और NHAI ने डायवर्जन रूट जारी किए हैं।
हिमाचल प्रदेश की लाइफलाइन माने जाने वाले Shimla-Bilaspur-Dharamshala नेशनल हाईवे पर आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। बिलासपुर जिले के नमहोल इलाके में खलोता के पास सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस गया है, जिसके बाद सुरक्षा के मद्देनजर National Highways Authority of India (NHAI) ने इस रूट पर वाहनों की आवाजाही को प्रतिबंधित कर दिया है।
व्यापार और लॉजिस्टिक्स पर बड़ा असर
यह सड़क राज्य की राजधानी Shimla को 9 अलग-अलग जिलों से जोड़ती है। हाईवे बंद होने से जरूरी सामानों की सप्लाई चेन में रुकावट आ गई है। ट्रक और अन्य भारी वाहनों को अब लंबे और कठिन रास्तों से गुजरना पड़ रहा है, जिससे ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट में इजाफा होना तय है। साथ ही, Manali और Dharamshala जाने वाले पर्यटकों को भी अब अपने प्लान में बदलाव करना पड़ रहा है, जिसका सीधा असर राज्य की टूरिज्म इकोनॉमी पर पड़ेगा।
ट्रैफिक के लिए डायवर्जन प्लान
NHAI ने राहत के लिए वैकल्पिक रूट का सहारा लिया है:
- Shimla की ओर जाने वाले वाहन: बिलासपुर और हमीरपुर से आने वाले वाहनों को बरमाणा, जुखाला और डरलघाट के रास्ते भेजा जा रहा है।
- बिलासपुर/हमीरपुर की ओर जाने वाले वाहन: इन वाहनों को घुमारवीं और डरलघाट के रास्तों का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।
फिलहाल, आपातकालीन सेवाओं के वाहनों को प्राथमिकता दी जा रही है, लेकिन आम कमर्शियल ट्रैफिक को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कब तक खुलेगा रास्ता?
NHAI ने अभी तक हाईवे को फिर से खोलने की कोई स्पष्ट समय सीमा नहीं दी है। सड़क की स्थिति का आकलन करने के बाद ही सुरक्षा मंजूरी दी जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ी इलाकों में इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती एक बड़ी चुनौती है और मरम्मत का काम पूरी तरह से जमीन की स्थिरता पर निर्भर करेगा।
