मुनाफे में कैसे लौटी कंपनी?
Shadowfax Technologies ने 26वें फाइनेंशियल ईयर (FY26) की चौथी तिमाही में दमदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का रेवेन्यू 73.6% बढ़कर ₹1,237 करोड़ पर पहुंच गया, वहीं नेट प्रॉफिट ₹56 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹10 करोड़ का घाटा था। इस नतीजे के साथ, पूरे FY26 में कंपनी का रेवेन्यू 66.4% बढ़कर ₹4,202 करोड़ हो गया। कंपनी ने अपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी और टेक्नोलॉजी पर फोकस करके यह ग्रोथ हासिल की है।
ऑपरेशनल एफिशिएंसी का कमाल
Q4 FY26 में कंपनी का एडजस्टेड EBITDA 1,051% बढ़कर ₹58 करोड़ हो गया। यह बढ़त ऑपरेशनल एफिशिएंसी, बेहतर नेटवर्क डेंसिटी और AI-बेस्ड रूट ऑप्टिमाइजेशन का नतीजा है। कंपनी ने कम मार्जिन वाले 'Other Logistics' ऑपरेशन्स को फेज-आउट करके हाई-मार्जिन क्रिटिकल लॉजिस्टिक्स पर ध्यान केंद्रित किया है। FY26 में ₹185 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) सॉर्ट सेंटर्स, ऑटोमेशन और लास्ट-माइल इंफ्रास्ट्रक्चर में किया गया है, जिससे कंपनी की मार्केट पोजीशन और मजबूत होगी।
वैल्यूएशन की चिंताएं और पीयर कंपेरिजन
जहां एक तरफ Shadowfax के नतीजे मजबूत हैं, वहीं इसकी वैल्यूएशन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। कंपनी का स्टॉक अपने कॉम्पिटिटर्स जैसे Delhivery और Blue Dart Express की तुलना में काफी प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। Shadowfax का P/E रेश्यो 95.61x से 1,500x तक जा रहा है, जो हाल ही में घाटे से प्रॉफिट में आने और छोटे अर्निंग बेस के कारण है। वहीं, Blue Dart का P/E रेश्यो लगभग 45x-49x है, जबकि Delhivery का 192x-255x के बीच है। Shadowfax का मार्केट कैप लगभग ₹11,000 करोड़ है, जो Blue Dart के बराबर है।
एनालिस्ट्स की मिली-जुली राय
कंपनी के आक्रामक ग्रोथ टारगेट और हालिया प्रॉफिटेबिलिटी को देखते हुए, कुछ एनालिस्ट्स इसकी वैल्यूएशन को लेकर चिंतित हैं। करीब 53% एनालिस्ट्स ने स्टॉक पर 'Sell' की रेटिंग दी है। हालांकि, Morgan Stanley ने 'Overweight' रेटिंग और JM Financial ने 'Buy' रेटिंग दी है, जो कंपनी के मजबूत एग्जीक्यूशन की सराहना करते हैं। कम प्रमोटर होल्डिंग ( 16.6%), कमजोर रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 9-10% और हाई EV/EBITDA रेश्यो ( 43.52 ) जैसी बातें चिंता का सबब बनी हुई हैं।
आगे का रास्ता: ग्रोथ और एग्जीक्यूशन
Shadowfax का लक्ष्य अगले दो साल में 27-30% का रेवेन्यू CAGR हासिल करना और मार्जिन में 100-120 basis points का सुधार करना है। कंपनी अपनी ग्लोबल कवरेज को 20,000 पिन कोड तक बढ़ाएगी और EV फ्लीट में भी निवेश करेगी। मैनेजमेंट का फोकस अब आक्रामक विस्तार से हटकर ऑपरेशनल एफिशिएंसी से मार्जिन बढ़ाने पर है। एनालिस्ट्स ने स्टॉक के लिए ₹152.56 से ₹423.83 तक के टारगेट प्राइस दिए हैं, जिनका औसत ₹301.46 है। कंपनी 2026-27 में IPO लाने की भी योजना बना रही है, बशर्ते वह अपने रेवेन्यू और मार्जिन के लक्ष्यों को पूरा करे।