2 नवंबर, 2026 को Jolarpettai Junction से 7 खाली कोच बिना किसी इंजन के **6 किलोमीटर** तक लुढ़कते चले गए। थामलेरी मुथुर के पास पटरी से उतरने से पहले हुई इस चूक ने Bengaluru-Chennai रूट पर भारी अफरातफरी मचा दी।
बड़ी लापरवाही का खुलासा
Jolarpettai Junction के मेंटेनेंस यार्ड में खड़ी 7 खाली बोगियां बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के अचानक लुढ़कने लगीं। बिना इंजन के इन भारी-भरकम कोचों का 6 किलोमीटर तक दौड़ना रेलवे की सुरक्षा प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि, एक गेटकीपर की सूझबूझ ने बड़ा हादसा होने से बचा लिया, जिसने समय रहते अधिकारियों को आगाह कर दिया और आने वाली ट्रेनों को रोक दिया गया।
यातायात पर असर
इस घटना के बाद Bengaluru-Chennai लाइन पूरी तरह से ठप हो गई। राहत कार्य के लिए JCB मशीनों और गैस-कटिंग उपकरणों का इस्तेमाल कर बोगियों को ट्रैक से हटाया गया। इस दुर्घटना की वजह से हजारों यात्रियों को भीषण देरी का सामना करना पड़ा।
इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा पर सवाल
इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर और रेल लॉजिस्टिक्स पर नजर रखने वालों के लिए यह घटना एक चेतावनी है। भारतीय रेलवे का आधुनिकीकरण भले ही जारी हो, लेकिन यार्ड मैनेजमेंट और सुरक्षा ऑडिट में ऐसी बुनियादी कमियां चिंताजनक हैं। अब निवेशकों की नजरें इस पर होंगी कि रेलवे प्रशासन सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर क्या कड़े कदम उठाता है और नई सुरक्षा तकनीकों में कितना निवेश करता है।
