SWISS Air: भारत में हवाई यात्रा की जबरदस्त मांग, क्षमता से ज्यादा दबाव

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
SWISS Air: भारत में हवाई यात्रा की जबरदस्त मांग, क्षमता से ज्यादा दबाव

SWISS International Air Lines के CEO Jens Fehlinger का कहना है कि भारत में ट्रैवल डिमांड एयरलाइन की वर्तमान क्षमता से कहीं ज्यादा बढ़ गई है। Lufthansa Group 2027 तक अपनी उड़ानों की संख्या बढ़ाकर **383** मासिक करने की तैयारी में है।

डिमांड और सप्लाई का अंतर

SWISS International Air Lines ने भारत में बढ़ते ट्रैवल डिमांड और उपलब्ध एविएशन कैपेसिटी के बीच के बड़े अंतर को पहचाना है। CEO Jens Fehlinger के मुताबिक, एयरलाइन ऑपरेटर्स भारत से होने वाली लॉन्ग-हॉल इंटरनेशनल यात्राओं की मांग को पूरा करने के लिए काफी मशक्कत कर रहे हैं।

विस्तार की नई रणनीति

इस चुनौती से निपटने के लिए, Lufthansa Group भारत में अपनी उपस्थिति बढ़ाने पर काम कर रहा है। कंपनी का लक्ष्य अगस्त 2027 तक भारत के लिए 383 मासिक फ्लाइट्स चलाने का है। हाल ही में बेंगलुरु के लिए नई उड़ानें शुरू करने के बाद, अब दिल्ली और मुंबई के साथ बेंगलुरु इनका तीसरा बड़ा डेस्टिनेशन बन गया है। भारत को अमेरिका के बाद कंपनी अपना दूसरा सबसे बड़ा मार्केट मान रही है।

लॉजिस्टिक चुनौतियां और लागत

फिलहाल, एविएशन सेक्टर जटिल परिचालन बाधाओं से जूझ रहा है। वेस्ट एशिया में चल रहे जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण एयरलाइंस को सुरक्षा के लिहाज से लंबे और कम प्रभावी रूट चुनने पड़ रहे हैं। SWISS जैसी एयरलाइंस के लिए इन बदलावों ने फ्लाइट के समय को 30 मिनट से लेकर 1 घंटे तक बढ़ा दिया है। इससे एयरक्राफ्ट रोटेशन और क्रू शेड्यूलिंग में दिक्कतें आ रही हैं, जिससे एक एयरक्राफ्ट की कुल उड़ान क्षमता पर असर पड़ा है।

मुनाफे पर नजर

लंबी उड़ानें भरने से फ्यूल की खपत और ऑपरेटिंग कॉस्ट में भी भारी इजाफा हुआ है। हालांकि, एयरलाइन ने ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव से बचने के लिए हेजिंग का सहारा लिया है, लेकिन बढ़ती लागत को मैनेज करना एक बड़ी चुनौती है। निवेशकों की नजर अब इस पर है कि क्या कंपनी अपनी उड़ान संख्या के लक्ष्य को हासिल करते हुए प्रॉफिट मार्जिन को बरकरार रख पाती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.