मुनाफे में आई भारी गिरावट, जानें वजह
Singapore Airlines Group (SIA) के लिए मार्च 2026 में समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) के नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के SGD 2.778 बिलियन से गिरकर SGD 1.184 बिलियन पर आ गया, जो 57.4% की बड़ी गिरावट है। हैरानी की बात यह है कि इस दौरान कंपनी का कुल रेवेन्यू (Revenue) 5% बढ़कर SGD 20.552 बिलियन तक पहुंच गया था।
इस मुनाफे में भारी कमी का एक प्रमुख कारण नवंबर 2024 में हुए Air India-Vistara मर्जर (Merger) से जुड़ा SGD 1.098 बिलियन का नॉन-कैश अकाउंटिंग गेन (Non-cash accounting gain) का इस बार न मिलना रहा। लेकिन, इससे भी बड़ी वजह Air India के बड़े नुकसान का SIA के नतीजों पर असर है। SIA को इस बार एयर इंडिया के पूरे साल के घाटे का SGD 846 मिलियन का हिस्सा वहन करना पड़ा, जबकि पिछले पीरियड में केवल चार महीनों का घाटा शामिल था। एयर इंडिया ने FY2025-26 में लगभग $2.8 बिलियन का रिकॉर्ड घाटा दर्ज किया, जिसका SIA को अनुमानित $743 मिलियन का भुगतान करना पड़ा।
Air India का बोझ और सेक्टर की चुनौतियाँ
SIA की Air India Group में 25.1% की हिस्सेदारी, जो कंपनी की मल्टी-हब स्ट्रेटेजी (Multi-hub strategy) का अहम हिस्सा है, अब एक बड़ा फाइनेंशियल बोझ साबित हो रही है। एयर इंडिया कई चुनौतियों से जूझ रही है, जिनमें सप्लाई चेन (Supply chain) की दिक्कतें, प्रमुख मध्य पूर्वी बाजारों में ऑपरेशनल लिमिटेशन (operational limitations), हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध और जेट फ्यूल (Jet fuel) की बढ़ती कीमतें शामिल हैं। खासकर, मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव ईंधन की लागत को और बढ़ा रहे हैं, जिससे दिल्ली-शिकागो जैसे रूट प्रभावित हो रहे हैं।
इसकी तुलना में, क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वी जैसे Cathay Pacific ने यात्री मांग और स्थिर कार्गो वॉल्यूम (Cargo volumes) के दम पर FY2025 में HK$10.8 बिलियन का शानदार नेट प्रॉफिट दर्ज किया। वहीं, Emirates ने भी FY2025-26 में रिकॉर्ड मुनाफा और रेवेन्यू हासिल किया।
SIA के शेयर की कीमत वर्तमान में SGD 6.27 के आसपास ट्रेड कर रही है, और कंपनी का मार्केट कैप (Market Cap) लगभग SGD 19.7 बिलियन है। इसका पिछला बारह महीनों का पी/ई रेशियो (P/E Ratio) 7.4 से 8.25 के बीच है, जो दर्शाता है कि बाजार इन फाइनेंशियल दबावों को पहले से ही भुना रहा है। पिछले एक साल में स्टॉक लगभग 6% गिर चुका है और अपने 52-हफ्ते के निचले स्तर के करीब ट्रेड कर रहा है।
निवेशकों के लिए मुख्य चिंताएँ
SIA के Air India में निवेश के खिलाफ मुख्य तर्क इसके बढ़ते खर्चों पर केंद्रित है। एयर इंडिया का $2.8 बिलियन का FY2025-26 का घाटा, टाटा ग्रुप (Tata Group) द्वारा अधिग्रहण से पहले के इसके प्रदर्शन का ही निरंतरता है। भले ही SIA मैनेजमेंट लंबी अवधि के रणनीतिक मूल्य पर जोर दे रहा है, लेकिन तत्काल वित्तीय प्रभाव बहुत बड़ा है। एयर इंडिया पर लगभग $12.91 बिलियन का कर्ज है, जबकि कैश रिजर्व (Cash reserves) $8.78 बिलियन है। 30% का नेट डेट-टू-इक्विटी रेशियो (Net debt-to-equity ratio) एक लीवरेज्ड फाइनेंशियल स्ट्रक्चर (leveraged financial structure) का संकेत देता है, जो नुकसान की लंबी अवधि के प्रति इसे संवेदनशील बनाता है।
