SIA का दांव: भरोसा या रिस्क?
Singapore Airlines (SIA) ने Air India Group में अपने S$2.02 बिलियन के इन्वेस्टमेंट पर कोई इंपेयरमेंट लॉस (Impairment Loss) रिकॉर्ड नहीं करने का निर्णय लिया है। यह कदम SIA के मैनेजमेंट का भारत के तेजी से बढ़ते एविएशन मार्केट की लॉन्ग-टर्म ग्रोथ पर विश्वास को दर्शाता है। इसके साथ ही, SIA के 25.1% स्टेक की कैरिंग वैल्यू (Carrying Value) बनी हुई है।
SIA के बिगड़ते नतीजे और एयर इंडिया का बोझ
हालांकि, SIA का यह भरोसा उसके खुद के बिगड़ते नतीजों के बिल्कुल विपरीत है। 31 मार्च 2026 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए SIA ग्रुप का नेट प्रॉफिट 57.4% गिरकर S$1.184 बिलियन रह गया। इस प्रॉफिट में भारी गिरावट का एक बड़ा कारण Air India के ऑपरेटिंग लॉस (Operating Losses) में SIA का हिस्सा है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर में S$846 मिलियन रहा। SIA का स्टॉक भी इसी ट्रेंड पर चल रहा है, जो अपने 52-वीक लो SGD 6.21 के करीब ट्रेड कर रहा है और साल-दर-तारीख (Year-to-Date) लगभग 8-9% गिर चुका है।
भारत का एविएशन मार्केट: सुनहरे भविष्य की उम्मीद?
भारतीय एविएशन मार्केट में जबर्दस्त ग्रोथ की उम्मीद है। यह मार्केट 2030 तक 11.5% से ज्यादा की सालाना ग्रोथ के साथ दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मार्केट बन सकता है। SIA के लिए यह बड़ा मार्केट सिंगापुर से आगे के नेटवर्क को मजबूत करने की लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजी का एक अहम हिस्सा है। Air India और Vistara के मर्जर से भारत के सबसे बड़े फुल-सर्विस कैरियर में से एक का गठन हुआ है।
इंटीग्रेशन की दिक्कतें और ऑडिटर की चिंताएं
लेकिन इस दांव के साथ बड़ी चुनौतियां भी हैं। Vistara के इंटीग्रेशन (Integration) में काफी खर्च आया है, जिसमें फ्लीट, सिस्टम और स्टाफ को अलाइन करना शामिल है। दूसरी ओर, Air India गंभीर फाइनेंशियल मुश्किलों का सामना कर रहा है। FY2026 के लिए इसके अनुमानित लॉस ₹22,000 करोड़ (लगभग $2.3 बिलियन) से ज्यादा हो सकते हैं। इन लॉस की वजह से कंपनी को 100 से ज्यादा इंटरनेशनल फ्लाइट्स कैंसल करनी पड़ी हैं, जिसका मुख्य कारण बढ़ी हुई जेट फ्यूल की कीमतें, जियोपॉलिटिकल इश्यूज और करेंसी में गिरावट हैं।
ऑडिटर KPMG ने भी Air India के इन्वेस्टमेंट को 'की ऑडिट मैटर' (Key Audit Matter) बताया है। KPMG ने एयर इंडिया के एग्रेसिव टर्नअराउंड गोल्स (Aggressive Turnaround Goals), फ्यूल प्राइस में उतार-चढ़ाव की संवेदनशीलता, Vistara इंटीग्रेशन की दिक्कतें और फ्लीट अपग्रेड के लिए जरूरी बड़े कैपिटल की तरफ इशारा किया है। Air India के ट्रांसफॉर्मेशन प्लान (Transformation Plan) के लिए लगातार कैपिटल की जरूरत पड़ेगी, जिससे SIA के लिए भविष्य में और इंपेयरमेंट चार्ज लगने की संभावना बनी हुई है। Tata Sons, जो Air India की पेरेंट कंपनी है, के अनलिस्टेड बिजनेस ने FY25 में कुल ₹25,568.8 करोड़ का लॉस दर्ज किया।
आगे क्या: SIA की लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजी
Singapore Airlines, Tata Sons के साथ अपनी पार्टनरशिप के प्रति प्रतिबद्ध है और Air India स्टेक को अपनी लॉन्ग-टर्म नेटवर्क स्ट्रैटेजी के लिए महत्वपूर्ण मानती है। हालांकि, एविएशन इंडस्ट्री लगातार बढ़ती लागत, हाई कैपिटल की जरूरत, जियोपॉलिटिकल अस्थिरता और सस्टेनेबिलिटी जैसे दबावों का सामना कर रही है। एनालिस्ट्स का सेंटीमेंट अभी न्यूट्रल है, जिसमें 'HOLD' रेटिंग और प्राइस टारगेट मौजूदा ट्रेडिंग लेवल SGD 6.28 से सीमित अपसाइड पोटेंशियल (Upside Potential) का संकेत दे रहे हैं।
