Air India ₹22,000 Cr के रिकॉर्ड घाटे में! SIA CEO ने Tata Group से की अर्जेंट मीटिंग

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AuthorMehul Desai | Whalesbook News Team

Overview

Singapore Airlines (SIA) के CEO Goh Choon Phong ने हाल ही में Tata Group के सीनियर एग्जीक्यूटिव्स से मुलाकात की। यह मीटिंग Air India के खराब फाइनेंशियल परफॉरमेंस को लेकर हुई, क्योंकि एयरलाइन ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में रिकॉर्ड **₹22,000 करोड़** का भारी घाटा दर्ज किया है। इस घाटे में हालिया प्लेन क्रैश, बढ़ी हुई फ्यूल कॉस्ट और ऑपरेशनल दिक्कतें भी शामिल हैं। SIA की Air India में **25.1%** हिस्सेदारी होने के नाते, यह चर्चा भविष्य की रणनीति के लिए बेहद अहम है।

Tata Group पर SIA CEO का दबाव: Air India के घाटे पर गंभीर चर्चा

एक अहम मीटिंग में Singapore Airlines (SIA) के CEO Goh Choon Phong और Tata Group के टॉप लीडर्स के बीच Air India के भारी-भरकम फाइनेंशियल नुकसान पर चर्चा हुई। यह मीटिंग ऐसे समय में हुई है जब Air India अपने फाइनेंशियल ईयर 2026 (जो 31 मार्च 2026 को खत्म हुआ) में ₹22,000 करोड़ से ज्यादा का घाटा झेलने वाली है। यह Tata Group द्वारा एयरलाइन को 2022 में खरीदे जाने के बाद का सबसे बड़ा शॉर्टफॉल है, जो एयरलाइन के टर्नअराउंड (Turnaround) के प्रयासों को बड़ा झटका दे रहा है। चिंता की बात यह भी है कि CEO Campbell Wilson इसी साल 2026 में कंपनी छोड़ने वाले हैं। हाल ही में एयरलाइन को एक एविएशन रेगुलेटर से खराब सेफ्टी रेटिंग भी मिली है।

फ्यूल की कीमतों और भू-राजनीतिक तनावों ने बढ़ाया घाटा

दुनिया भर में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव, खासकर पश्चिम एशिया में, एविएशन सेक्टर की लागत को तेजी से बढ़ा रहे हैं। एयरस्पेस बंद होने, जैसे कि पाकिस्तान और मध्य पूर्व में शुरुआती प्रतिबंधों के कारण, Air India को यूरोप और उत्तरी अमेरिका के लिए अपनी फ्लाइट्स के रूट बदलने पड़े हैं। इससे फ्यूल की खपत बढ़ी है, फ्लाइट का समय लंबा हुआ है और ऑपरेशनल खर्चों में इजाफा हुआ है। अप्रैल 2026 में जेट फ्यूल (Jet Fuel) की कीमतें ₹2 लाख प्रति किलोलीटर के रिकॉर्ड स्तर को पार कर गईं, जिसकी वजह सप्लाई की दिक्कतें और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें थीं। आमतौर पर, एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) किसी भी एयरलाइन के कुल ऑपरेशनल खर्च का 40% तक होता है। उदाहरण के लिए, दिल्ली से मैनचेस्टर जाने वाली फ्लाइट्स को ईरान और पाकिस्तान के आसपास से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे यात्रा में 3 घंटे से ज्यादा का अतिरिक्त समय लग रहा है।

जानलेवा क्रैश ने बढ़ाई Air India की मुश्किलें

एयरलाइन कई चुनौतियों का सामना कर रही है, जिसमें 12 जून 2025 को हुए विनाशकारी AI171 Boeing 787-8 क्रैश का मामला भी शामिल है। इस दुर्घटना में 241 यात्री और 19 ज़मीनी लोगों की मौत हो गई थी। जांच में दुर्घटना का कारण जानबूझकर फ्यूल कट-ऑफ बताया जा रहा है।

डोमेस्टिक प्रतिद्वंद्वी IndiGo से तुलना

इसके विपरीत, डोमेस्टिक कंपटीटर IndiGo (InterGlobe Aviation) की फाइनेंशियल पोजीशन ज्यादा स्टेबल दिखती है। अप्रैल 2026 तक, IndiGo का मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization) लगभग ₹1.8 ट्रिलियन था, और इसका पी/ई रेश्यो (P/E Ratio) 39.2 से 56 के बीच था। हालांकि, IndiGo ने भी करेंसी की अस्थिरता और खाड़ी देशों की फ्लाइट्स में अस्थायी कमी के कारण FY26 की दूसरी तिमाही में कुछ नेट लॉस (Net Loss) रिपोर्ट किया था, लेकिन इसका बड़ा स्केल और मार्केट शेयर इसे मजबूत स्थिति में रखता है। तुलना के लिए, Singapore Airlines का अपना पी/ई रेश्यो लगभग 7.7 से 18 के बीच रहता है। यह तुलना Air India द्वारा सामना किए जा रहे अलग-अलग ऑपरेशनल और फाइनेंशियल दबावों को उजागर करती है।

इंटीग्रेशन और फंडिंग की चुनौतियाँ

Air India को हाल ही में Vistara के साथ मर्जर (Merger) सहित इंटीग्रेशन (Integration) की बड़ी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है, और एक्विजिशन (Acquisition) के बाद से यह भारी कर्ज में डूबी हुई है। एयरलाइन ने अपने शेयरहोल्डर्स (Shareholders) से अतिरिक्त कैपिटल (Capital) की मांग की है, लेकिन यह राशि शायद इसकी जरूरतें पूरी न कर पाए, जिसके चलते बाहरी फाइनेंसिंग (Financing) की जरूरत पड़ सकती है। इन सभी फैक्टर्स, हाई जेट फ्यूल प्राइसेस और भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण जटिल फ्लाइट रूटिंग के साथ मिलकर, जल्द प्रॉफिट में वापसी की संभावना कम नजर आती है।

SIA के निवेश पर पड़ रहा असर

Air India की फाइनेंशियल मुश्किल Singapore Airlines के लिए एक बड़ी चुनौती है। एयरलाइन के लगातार घाटे से SIA के निवेश पर दबाव बन रहा है, और इसकी लॉन्ग-टर्म वायबिलिटी (Viability) का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन करना होगा। Air India के टर्नअराउंड की सफलता ऑपरेशनल इनएफिशिएंसी (Inefficiency) को दूर करने, इंटीग्रेशन पूरा करने और लगातार आर्थिक व भू-राजनीतिक दबावों से निपटने पर निर्भर करेगी।

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