SATTE 2026: भारत का टूरिज्म बनेगा मल्टी-बिलियन डॉलर का सेक्टर! जानें सरकार की बड़ी योजना

TRANSPORTATION
Whalesbook Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
SATTE 2026: भारत का टूरिज्म बनेगा मल्टी-बिलियन डॉलर का सेक्टर! जानें सरकार की बड़ी योजना
Overview

दिल्ली में आयोजित SATTE 2026 प्रदर्शनी ने भारत के टूरिज्म सेक्टर के लिए महत्वाकांक्षी विस्तार योजनाओं को उजागर किया है। सरकार का लक्ष्य 2026 तक टूरिज्म मार्केट को **$125 बिलियन** तक पहुंचाना है और 2047 तक देश की जीडीपी (GDP) में **$3 ट्रिलियन** का योगदान दिलाना है। **2,000** से ज़्यादा एग्जिबिटर्स (Exhibitors) के साथ, इस इवेंट ने सरकार के बढ़ते फोकस, एविएशन, टेक्नोलॉजी और MICE व वेडिंग टूरिज्म जैसे सेक्टर्स में प्रगति को दिखाया।

टूरिज्म सेक्टर में नई उड़ान की तैयारी

SATTE 2026 में भारत के टूरिज्म सेक्टर के लिए जो बुलिश (Bullish) अनुमान लगाए गए हैं, वे भविष्य में ज़बरदस्त ग्रोथ का संकेत दे रहे हैं। इस एग्जीबिशन में इस बात पर ज़ोर दिया गया कि कैसे 2026 तक $125 बिलियन के मार्केट को भुनाया जाए और 2047 तक जीडीपी (GDP) में $3 ट्रिलियन का योगदान सुनिश्चित किया जाए। यह भारत सरकार की उस सोच का नतीजा है, जिसके तहत टूरिज्म का अर्थव्यवस्था में योगदान मौजूदा 6% से बढ़ाकर 10% करने का लक्ष्य है। इस विजन को पूरा करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) में भारी निवेश, कस्टमर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने के लिए टेक्नोलॉजी (Technology) पर फोकस और MICE (मीटिंग्स, इन्सेंटिव्स, कन्वेंशन्स और एग्जीबिशन) और वेडिंग टूरिज्म जैसे हाई-यील्ड (High-yield) सेक्टर्स के विकास पर काम किया जा रहा है।

बाज़ार के संकेत और एविएशन सेक्टर

दिल्ली में SATTE 2026, साउथ एशिया के ट्रैवल इंडस्ट्री के लिए पॉलिसी, इंफ्रास्ट्रक्चर और बिज़नेस डील्स का एक अहम केंद्र रहा। 60 से ज़्यादा देशों के 2,000 से अधिक एग्जिबिटर्स (Exhibitors) की मौजूदगी भारत की बढ़ती टूरिज्म क्षमता में ग्लोबल इंटरेस्ट को दर्शाती है। इस दौरान ट्रैवल बिज़नेस को री-कैलिब्रेट (Recalibrate) करने और नेशनल इकोनॉमिक लक्ष्यों के साथ तालमेल बिठाने पर चर्चा हुई। एविएशन सेक्टर, जो ग्रोथ का एक महत्वपूर्ण एनेबलर (Enabler) है, इस एजेंडा के साथ आगे बढ़ रहा है। उदाहरण के तौर पर, Air India ने अपने बेड़े के आधुनिकीकरण का प्रदर्शन किया, जिसमें अपग्रेडेड बिज़नेस क्लास और प्रीमियम इकोनॉमी सीट्स शामिल हैं। यह भविष्य की मांग में विश्वास और अपने बढ़ते नेटवर्क पर पैसेंजर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने की प्रतिबद्धता को दिखाता है।

टेक्नोलॉजी और खास सेक्टर्स पर एनालिटिकल फोकस

भारत का टूरिज्म मार्केट 2026 तक $125 बिलियन तक पहुंचने का लक्ष्य रखता है, जो कि एक बेहद कॉम्पिटिटिव (Competitive) ग्लोबल माहौल में एक बड़ी बात है। थाईलैंड और मलेशिया जैसे साउथ-ईस्ट एशियाई देश, जिनके पास पहले से मजबूत टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर है, भारत के लिए बड़ी चुनौती हैं। ऐसे में, भारत अपनी विशाल सांस्कृतिक विरासत, बढ़ती मिडिल क्लास और स्ट्रैटेजिक इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश का फायदा उठा रहा है। टेक्नोलॉजी की भूमिका भी अहम है; EaseMyTrip और Cleartrip जैसे प्लेटफॉर्म AI-पावर्ड (AI-powered) प्लानिंग और मोबाइल-फर्स्ट (Mobile-first) बुकिंग सॉल्यूशंस दिखा रहे हैं। EaseMyTrip का P/E रेश्यो (P/E Ratio) लगभग 38 है, जो बताता है कि इसके ग्रोथ के अनुमान पहले से ही वैल्यूएशन में शामिल हैं। बड़े पैमाने पर टूरिज्म के अलावा, SATTE 2026 में भारत के $72 बिलियन के वेडिंग मार्केट और बढ़ते MICE सेक्टर पर भी फोकस किया गया। साथ ही, सस्टेनेबिलिटी (Sustainability) पर ध्यान देना एक उभरता हुआ ट्रेंड है, जो जिम्मेदार टूरिज्म और कार्बन कटौती पर केंद्रित है।

जोखिम और चुनौतियाँ

SATTE 2026 में आशावादी तस्वीर पेश की गई हो, लेकिन $125 बिलियन के टूरिज्म मार्केट के लक्ष्य के रास्ते में कुछ बड़े जोखिम भी हैं। 2047 तक $3 ट्रिलियन जीडीपी (GDP) योगदान का महत्वाकांक्षी लक्ष्य नए एयरपोर्ट और ट्रांसपोर्ट लिंक्स जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के समय पर और बजट के अंदर पूरा होने पर बहुत हद तक निर्भर करता है, जिसमें ऐतिहासिक रूप से देरी और लागत बढ़ने का जोखिम रहता है। कॉम्पिटिशन भी कड़ा है; साउथ-ईस्ट एशिया के स्थापित डेस्टिनेशन्स (Destinations) मार्केट शेयर के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं, और ग्लोबल इकोनॉमिक अस्थिरता, जैसे ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव, एयरलाइन प्रॉफिटेबिलिटी और ट्रैवल खर्च पर असर डाल सकती है। EaseMyTrip का वैल्यूएशन भले ही मार्केट के ऑप्टिमिज्म (Optimism) को दर्शाता हो, लेकिन ग्लोबल ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसियों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा और बुकिंग सेगमेंट में मार्जिन प्रेशर (Margin Pressure) ट्रैवल टेक फर्मों के लिए लगातार चुनौतियाँ बने हुए हैं। इसके अलावा, सस्टेनेबिलिटी की ओर झुकाव की वित्तीय लागतों का पूरी तरह से आकलन नहीं किया गया है।

भविष्य की राह

भारत के टूरिज्म सेक्टर के लिए भविष्य का अनुमान काफी मजबूत बना हुआ है, और एनालिस्ट्स (Analysts) इस सेक्टर में इकोनॉमी से ज़्यादा ग्रोथ की उम्मीद कर रहे हैं। लक्ज़री ट्रैवल, MICE और एक्सपीरियंसियल टूरिज्म जैसे निश सेगमेंट्स (Niche Segments) में डाइवर्सिफिकेशन (Diversification) पर ज़ोर देना और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, एक मजबूत नींव प्रदान करते हैं। हालांकि, सेक्टर की पूरी क्षमता, खासकर 2047 तक $3 ट्रिलियन जीडीपी (GDP) लक्ष्य को हासिल करना, ग्लोबल ट्रैवल ट्रेंड्स के प्रति इसकी फुर्तीली अनुकूलन क्षमता, ऑपरेशनल लागतों का प्रभावी प्रबंधन और इंटेंस (Intense) इंटरनेशनल कॉम्पिटिशन के बीच सस्टेनेबल डेवलपमेंट की जटिलताओं को संभालने पर निर्भर करेगा।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.